गुवाहाटी से शाम 5 बजे जारी होगी राशि
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, केंद्र सरकार ने किस्त जारी करने की सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं। 13 मार्च को होने वाले इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जिले के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों और विकासखंड मुख्यालयों में किया जाएगा। जांजगीर-चांपा जिला, जो अपनी धान की पैदावार के लिए ‘छत्तीसगढ़ का कटोरा’ माना जाता है, वहां के पंजीकृत किसानों को इस किस्त का सीधा लाभ मिलेगा। प्रत्येक पात्र किसान के खाते में 2,000 रुपये की राशि जमा की जाएगी।
ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य: इनके खातों में फंस सकते हैं पैसे
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं किसानों को पैसा मिलेगा जिनका ई-केवाईसी (e-KYC) और लैंड मैपिंग का काम पूरा हो चुका है। जांजगीर और चांपा क्षेत्र के कई किसान अभी भी इस प्रक्रिया में पीछे हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि आधार से बैंक खाता लिंक नहीं है या ई-केवाईसी लंबित है, तो पोर्टल पर अप्रूवल होने के बावजूद पैसा अटक सकता है। किसान अपने नजदीकी चॉइस सेंटर या पीएम किसान पोर्टल पर जाकर अपनी स्थिति की जांच कर सकते हैं।
“13 मार्च को 22वीं किस्त जारी होने की आधिकारिक सूचना प्राप्त हुई है। हमने जिले के सभी नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे ब्लॉक स्तर पर कैंप लगाकर किसानों की ई-केवाईसी संबंधी समस्याओं का समाधान करें ताकि कोई भी पात्र किसान लाभ से वंचित न रहे।”
— जिला कृषि अधिकारी, जांजगीर-चांपा
किस्त जारी होने से जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी। 13 मार्च की शाम से ही किसानों के मोबाइल पर मैसेज आने शुरू हो जाएंगे। इसके बाद बैंकों और ग्राहक सेवा केंद्रों (CSP) पर भीड़ बढ़ने की संभावना है। कलेक्टर कार्यालय ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि भुगतान के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। जिन किसानों के खाते में 15 मार्च तक राशि नहीं पहुंचती है, वे कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) से संपर्क कर अपना ‘बेनेफिशियरी स्टेटस’ चेक करवा सकते हैं।