जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र बस्तर के लिए 7 फरवरी का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित होने वाले ‘बस्तर पंडुम 2026’ के संभाग स्तरीय कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ करेंगी। इस हाई-प्रोफाइल दौरे को लेकर शासन-प्रशासन अलर्ट मोड पर है और पूरे संभाग में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
सुरक्षा के कड़े पहरे: एंट्री पॉइंट्स पर सघन जांच
राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर जगदलपुर शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। शहर में प्रवेश करने वाले सभी मार्गों पर पुलिस ने चेक पोस्ट बनाए हैं, जहाँ बाहर से आने वाले हर वाहन की गहन तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने कार्यक्रम स्थल (लालबाग) के आसपास के इलाकों को अपने नियंत्रण में ले लिया है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जा रही है।
आम जनता और वीआईपी के लिए विशेष पार्किंग व्यवस्था
जिला प्रशासन और जगदलपुर पुलिस ने वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम जनता को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए एक व्यापक ट्रैफिक और पार्किंग प्लान तैयार किया है:
-
P-1 पार्किंग (वीवीआईपी): लालबाग मैदान का एक हिस्सा विशेष रूप से राष्ट्रपति के काफिले के लिए आरक्षित किया गया है।
-
वीआईपी पार्किंग: मुख्य मंच पर बैठने वाले विशिष्ट अतिथियों और राजदूतों के लिए लालबाग पीटीएस ग्राउंड में व्यवस्था की गई है।
-
मीडिया एवं कार पास धारक: इनके वाहनों के लिए क्यूरो इंडिया स्कूल के पीछे और सनसिटी कॉलोनी में पार्किंग स्लॉट तय किए गए हैं।
-
आम जनमानस हेतु: रायपुर, बस्तर और नगरनार की ओर से आने वाले वाहनों के लिए कुम्हड़ाकोट गणपति रिसोर्ट के पास और रिलायंस पेट्रोल पंप के समीप विशाल पार्किंग जोन बनाए गए हैं।
-
रिजर्व पार्किंग: यदि भीड़ अधिक बढ़ती है, तो कृषि उपज मंडी और हाटा ग्राउंड को विकल्प के तौर पर तैयार रखा गया है।
बस्तर पंडुम को लेकर भारी उत्साह
‘बस्तर पंडुम’ के माध्यम से इस क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति, लोक कला और परंपराओं का प्रदर्शन किया जाएगा। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर स्थानीय जनता में भारी उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि कार्यक्रम भव्य होने के साथ-साथ पूरी तरह निर्बाध हो, जिससे बस्तर की सांस्कृतिक छवि राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हो सके।
“प्रशासन की अपील: नागरिक सुरक्षा जांच में सहयोग करें और सुचारू यातायात के लिए निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें।”