Rajim Gariaband violence : गरियाबंद हिंसा मामला: गांव से लेकर कुंभ तक साजिश की परतें उजागर

Rajim Gariaband violence राजिम/गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के दुतकैया गांव में हुई हिंसक झड़प के बाद अब हिंदू संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के नेताओं ने राजिम विश्राम गृह में एक प्रेस वार्ता कर घटना को लेकर गंभीर दावे किए हैं। हिंदू संगठनों का आरोप है कि यह केवल दो गुटों के बीच की मारपीट नहीं, बल्कि राजिम कुंभ मेले को अस्थिर करने की एक सोची-समझी साजिश हो सकती है।

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कुंभ के शुभारंभ पर ही वारदात क्यों?

विहिप के जिला अध्यक्ष प्रकाश निर्मलकर और बजरंग दल के जिला संयोजक मोहित साहू ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा:

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  • सुनियोजित हमला: मुख्य आरोपी आरिफ खान 15 दिन पहले ही जमानत पर रिहा हुआ था। कुंभ मेले के शुरू होने के दिन ही (1 फरवरी) उसने सुबह 10 से 12 बजे के बीच 4 अलग-अलग स्थानों पर 8 से अधिक लोगों पर हमला और लूटपाट की।

  • साजिश की आशंका: नेताओं ने आशंका जताई कि रायपुर में रहकर आरिफ ने कुंभ मेले के दौरान अशांति फैलाने का बड़ा प्लान तैयार किया था। जमानत पर बाहर आने के बावजूद वह पुलिस की निगरानी से कैसे चूक गया, यह बड़ा सवाल है।

गांव में ‘कब्जे और प्रताड़ना’ का आरोप

हिंदू संगठनों ने ग्रामीणों से मिली जानकारी के हवाले से बताया कि गांव के गौठान, श्मशान और कई सरकारी भूखंडों पर विशेष वर्ग के लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। विरोध करने वाले ग्रामीणों को गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां देना आम बात हो गई थी। उन्होंने प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में दावा किया कि गांव में कई ऐसे ‘आदतन अपराधी’ सक्रिय हैं, जिन पर हत्या के प्रयास, बलात्कार और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।

पुलिस की कार्रवाई: मुख्य आरोपी समेत 3 गिरफ्तार

गरियाबंद एसपी वेदव्रत सिरमौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है:

  1. आरिफ खान

  2. सलीम खान

  3. इमरान सिद्दीकी

एसपी का बयान: “रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को हिरासत में लिया। पीड़ितों की शिकायत पर राजिम थाने में चार अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है।”

क्या था पूरा मामला?

बता दें कि 1 फरवरी को दुतकैया गांव में तनाव उस समय भड़क गया जब जमानत पर बाहर आए आरोपियों ने कुछ ग्रामीणों (जिनमें मंदिर मामले के गवाह भी शामिल थे) पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपियों के घरों और वाहनों में आगजनी की, जिससे स्थिति सांप्रदायिक तनाव में बदल गई थी। इस झड़प में 7 पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है।

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