Rang Panchami 2026— उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में आज, 8 मार्च को रंग पंचमी का पर्व पूरी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा से शुरू हुआ होली का पखवाड़ा आज पंचमी तिथि पर देवताओं के संग रंग खेलकर संपन्न होगा। सुबह से ही मथुरा के बांके बिहारी मंदिर और बरसाना के श्रीजी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मान्यता है कि आज के दिन गुलाल के जरिए साक्षात देव शक्तियां धरती पर उतरती हैं।
Rang Panchami 2026: ब्रज में उमड़ा आस्था का सैलाब, राधा-रानी और कान्हा की आरती के साथ होली उत्सव का समापन

राधा-कृष्ण की विशेष पूजा और सात रंगों का संगम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रंग पंचमी का दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को समर्पित है। आज सुबह शुभ मुहूर्त में मंदिरों और घरों में विशेष अभिषेक किया गया। मथुरा के स्थानीय पंडितों के अनुसार, आज के दिन प्रभु की आरती करने और उन्हें अबीर-गुलाल अर्पित करने से वैवाहिक जीवन और स्वास्थ्य में सुधार आता है। ब्रज के मंदिरों में आज ‘टेसू’ के फूलों से बना रंग और प्राकृतिक गुलाल उड़ाया जा रहा है, जिसे भक्त प्रसाद के रूप में अपने माथे पर लगा रहे हैं।
Voices from the Ground / Official Statements
“रंग पंचमी केवल खेलने का उत्सव नहीं है, बल्कि यह तामसिक और राजसिक ऊर्जा को समाप्त कर सात्विक ऊर्जा के संचार का दिन है। आज के दिन उड़ाया गया गुलाल जब आसमान की ओर जाता है, तो वह ईश्वरीय अंश को स्पर्श करता है।”
— आचार्य राजेश पाठक, मुख्य पुजारी, स्थानीय मंदिर
श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था
त्योहार के मद्देनजर मथुरा जिला प्रशासन और नगर निगम ने विशेष इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख चौराहों और मंदिर मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वृंदावन जाने वाले मार्गों पर दोपहिया और चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर आंशिक प्रतिबंध लगाया गया है ताकि पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर पर्यटकों से केवल प्राकृतिक रंगों का उपयोग करने की अपील की है। शाम के समय घाटों पर विशेष दीपदान और आरती का आयोजन होगा, जिसमें हजारों की संख्या में विदेशी सैलानियों के पहुंचने की भी उम्मीद है।