SIR Campaign , रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 4 नवंबर 2025 से आरंभ हुए इस महत्त्वपूर्ण अभियान के अंतर्गत अब तक लगभग 86 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है, जिससे निर्वाचन व्यवस्था को डिजिटल रूप से मजबूत करने की दिशा में प्रदेश ने अहम कदम बढ़ाया है।
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1 जनवरी 2026 को लागू होने वाली नई मतदाता सूची को अंतिम रूप देने के लिए प्रदेशभर में BLOs घर-घर पहुंचकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन कर रहे हैं। अभियान के दौरान सभी पात्र नागरिकों को पंजीकरण, संशोधन और विलोपन के लिए पूर्ण सुविधा प्रदान की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल प्रक्रिया अपनाने से न केवल त्रुटियों में कमी आएगी, बल्कि भविष्य में मतदाता सूची का रखरखाव भी आसान होगा। आधुनिक तकनीक के उपयोग से सभी गणना प्रपत्रों को सुरक्षित तरीके से स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या छेड़छाड़ की संभावना खत्म हो सके।
BLOs द्वारा घर-घर सर्वे की गति बढ़ा दी गई है और उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में शेष गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन भी पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही नव-पंजीकरण, पते में बदलाव, नाम संशोधन और मतदाता पहचान से संबंधित शिकायतों का निस्तारण भी तेज़ी से किया जा रहा है।
राज्य निर्वाचन कार्यालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे BLO के संपर्क में सहयोग प्रदान करें और यदि अब तक किसी नागरिक के यहाँ प्रपत्र संग्रहण नहीं हुआ है, तो वे अपने नजदीकी मतदान केंद्र या निर्वाचन कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा सकते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि खासकर युवाओं, नए मतदाताओं और स्थान बदलकर आए लोगों को इस अभियान में शामिल कर पूर्ण मतदाता सूची तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में SIR अभियान को अत्यंत संवेदनशील और पारदर्शी प्रक्रिया माना जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना और मतदाता सूची को पूर्णत: अद्यतन रखना है। अभियान की निरंतर प्रगति से यह स्पष्ट है कि प्रदेश समय पर और उच्च गुणवत्ता वाली मतदाता सूची प्रकाशित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।