बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। दुर्ग जिले में हाल ही में पकड़ी गई अफीम की खेती के बाद अब त्रिपुरी के सरनाटोली इलाके में करीब 5 एकड़ भूमि पर अवैध रूप से उगाई गई अफीम की फसल बरामद की गई है।
जंगल किनारे छिपाकर की गई थी खेती नशे का यह काला कारोबार गांव से काफी दूर, घने जंगलों के किनारे सुनसान इलाके में किया जा रहा था ताकि किसी की नजर न पड़े। मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने देखा कि अफीम की फसल पूरी तरह लहलहा रही थी। अफीम के ‘डोडे’ (Phool/Pods) तैयार हो चुके थे और कई डोडो में तस्करों द्वारा ‘चीरा’ भी लगाया गया था, जिससे अफीम का दूध (कच्चा माल) निकाला जा रहा था।
ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस की दबिश इस अवैध खेती की भनक लगते ही जागरूक ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने सरनाटोली में दबिश दी।
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जब्ती: पुलिस ने पूरी फसल को कब्जे में ले लिया है।
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बाजार मूल्य: पकड़ी गई अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
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कार्यवाही: पुलिस अब उन भू-स्वामियों और तस्करों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने इस दुर्गम इलाके में इतनी बड़ी मात्रा में खेती की थी।
नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। अफीम की इस फसल को पूरी तरह नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और दोषियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।