तालिबान का पाकिस्तान पर भीषण पलटवार’ रावलपिंडी और क्वेटा के सैन्य ठिकानों पर ‘सटीक’ एयरस्ट्राइक का दावा

नई दिल्ली/काबुल। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी संघर्ष अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। तालिबान प्रशासन के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान की सीमा के भीतर घुसकर रावलपिंडी और क्वेटा जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा अफगान क्षेत्र में की गई एयरस्ट्राइक के जवाब में बताई जा रही है।

प्रमुख सैन्य ठिकाने बने निशाना

अफगान रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, उनके वायु सेना के ड्रोनों ने पाकिस्तान के निम्नलिखित ठिकानों को निशाना बनाया:

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  • नूर खान एयरबेस (रावलपिंडी): यह पाकिस्तान का एक अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक वायुसेना केंद्र है।

  • 12वीं कोर मुख्यालय (क्वेटा): बलूचिस्तान में स्थित सेना के इस महत्वपूर्ण मुख्यालय पर सटीक हमले का दावा किया गया है।

  • मोहमंद एजेंसी (KPK): खैबर पख्तूनख्वा के ख्वाजई कैंप और अन्य सैन्य केंद्रों पर भी हमले की खबरें हैं।

क्यों भड़की जंग की आग?

तालिबान का कहना है कि यह हमला ‘जैसे को तैसा’ की रणनीति के तहत किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, इससे पहले पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने काबुल, बगराम और जलालाबाद जैसे अफगान शहरों को निशाना बनाया था। पाकिस्तान ने इन हमलों को ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ का नाम दिया था, जिसमें उसने दावा किया था कि 270 से अधिक तालिबान लड़ाके मारे गए हैं।

तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद का बयान: “हमारी वायु सेना ने पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठानों पर सफल और समन्वित हमले किए हैं। यदि हमारी संप्रभुता का उल्लंघन जारी रहा, तो भविष्य में और भी कड़ा जवाब दिया जाएगा।”

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