एसआईआर कार्य के दबाव में शिक्षक की आत्महत्या, सुसाइड नोट में छलका दर्द

मुरादाबाद। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य के अत्यधिक दबाव ने एक शिक्षक की जान ले ली। मुरादाबाद के शिक्षक सर्वेश सिंह ने मानसिक तनाव के चलते आत्मघाती कदम उठाते हुए तीन पेज का सुसाइड नोट छोड़ा है। 481 शब्दों के इस सुसाइड नोट और 2 मिनट 40 सेकंड के वीडियो में उन्होंने अपने दर्द, असहायता और मनोवैज्ञानिक दबाव को बेहद मार्मिक तरीके से बयान किया है।

दिन-रात मेहनत के बाद भी नहीं पूरा हो रहा था टारगेट

सुसाइड नोट में सर्वेश ने लिखा है कि उन्हें पहली बार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम सौंपा गया था। इस काम की जानकारी सीमित होने के कारण वह लगातार दिन-रात मेहनत करने के बावजूद अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रहे थे।
उन्होंने नोट में लिखा—
“पहली बार यह काम मिला है। इसकी जानकारी न होने के कारण दिन-रात मेहनत के बाद भी अपना टारगेट पूरा नहीं कर पा रहा हूं। इससे बहुत परेशान हूं। मानसिक संतुलन खराब हो गया है, इसलिए आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हूं।”

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वीडियो में छलका दर्द, रोते हुए नहीं बोल पाए सर्वेश

मौत से पहले बनाई गई उनकी वीडियो बेहद दर्दनाक बताई जा रही है। वीडियो में सर्वेश रोते-रोते बोलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनका दर्द शब्दों से ज्यादा आंसुओं में नजर आ रहा है।
उनकी आवाज टूटती जाती है और वह बार-बार यही कहते दिखते हैं कि वह दबाव झेल नहीं पा रहे।

परिवार ने दिया हौसला, पर सर्वेश हार गए

सुसाइड नोट में उन्होंने अपने परिवार का जिक्र करते हुए लिखा कि परिवार ने उन्हें काफी सहारा और हिम्मत दी, लेकिन वह मानसिक तनाव के आगे खुद को संभाल नहीं पाए।
“मेरे परिवार ने बहुत हौसला बढ़ाया, मगर मैं हार गया…”
यह पंक्तियां पढ़कर हर किसी की आंखें नम हो गईं।

शिक्षकों पर बढ़ता दबाव बना चिंता का विषय

इस घटना ने एक बार फिर शिक्षकों पर बढ़ते प्रशासनिक एवं सर्वेक्षण-संबंधी कार्यों के दबाव को उजागर कर दिया है। शिक्षकों में रोष है कि पढ़ाई के साथ-साथ भारी-भरकम फील्ड वर्क और लक्ष्य का बोझ मानसिक तनाव को बढ़ा रहा है।

जांच की मांग तेज

स्थानीय शिक्षक संगठन इस घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि कार्य का दबाव कम होता और प्रशिक्षण उचित मिलता, तो शायद एक शिक्षक की जान बचाई जा सकती थी।

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