महाराष्ट्र से छत्तीसगढ़ तक खूनी पगडंडी
बाघ की मौजूदगी की पुष्टि वन विभाग ने पगचिन्हों के आधार पर की है। यह बाघ महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से होते हुए राजनांदगांव वनमंडल के मोहला-मानपुर क्षेत्र में दाखिल हुआ है। औंधी के सीमावर्ती गांवों में बाघ ने मवेशियों के तबेले पर हमला कर उन्हें मार गिराया। स्थानीय चरवाहों ने जंगल के पास बाघ को देखने का दावा किया है। वन विभाग की टीम अब कैमरा ट्रैप के जरिए बाघ की लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश कर रही है।
“हमने सभी सीमावर्ती गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। ग्रामीण अकेले जंगल की ओर न जाएं। बाघ आदमखोर प्रवृत्ति दिखा रहा है, इसलिए रात के समय घरों से बाहर निकलना जानलेवा हो सकता है। हमारी टीम 24 घंटे गश्त कर रही है।”
— क्षेत्रीय वन अधिकारी (RFO), औंधी रेंज
बाघ के आतंक के कारण औंधी-महाराष्ट्र मार्ग पर रात का आवागमन बंद कर दिया गया है। ग्रामीण अब अपने मवेशियों को चराने के लिए खोरपा और कोहका जैसे जंगली इलाकों में जाने से बच रहे हैं। वन विभाग ने मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन ग्रामीणों की मांग है कि बाघ को जल्द से जल्द ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर पकड़ा जाए। प्रशासन मुनादी (Public Announcement) करवा रहा है ताकि कोई भी अनहोनी न हो। यदि बाघ की गतिविधियां जारी रहीं, तो क्षेत्र में धारा 144 जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते है |