वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्विट्ज़रलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में भाग लेने के लिए अपने प्लेन एयरफोर्स-1 में सवार होकर रवाना हुए थे, लेकिन टेकऑफ़ के कुछ समय बाद ही विमान में तकनीकी खराबी के कारण उड़ान बीच ही रोक दी गई और विमान जॉइंट बेस एंड्रयूज़, वॉशिंगटन वापस लौट आया।
क्या हुआ विमान में?
व्हाइट हाउस के अनुसार एयरफोर्स-1 में “मामूली इलेक्ट्रिकल समस्या” का पता चला, जिसके चलते क्रू ने एहतियात बरतते हुए विमान को वापस वॉशिंगटन पर लैंड कराया। विमान में टेकऑफ़ के तुरंत बाद कुछ इलेक्ट्रिकल सिस्टम से जुड़ी समस्या देखी गई, जिसके कारण प्रेस कैबिन की लाइटें भी अस्थायी रूप से चली गईं।
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ट्रंप की यात्रा अब आगे कैसे होगी?
ट्रंप और उनकी टीम ने वहीं एयरफोर्स-1 छोड़ दिया और दूसरे एयरक्राफ्ट से स्विट्जरलैंड के लिए अपनी यात्रा जारी रखेंगे। व्हाइट हाउस ने कहा है कि वे अब किसी दूसरे विमान से दावोस इकोनॉमिक समिट में हिस्सा लेंगे।
दावोस क्यों महत्वपूर्ण है?
दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच में दुनियाभर के कई देशों के नेता और व्यापारिक प्रतिनिधि शामिल हैं। ट्रंप इस साल महत्वपूर्ण आर्थिक और वैश्विक नीतियों पर अपने विचार साझा करने के लिए वहाँ जा रहे थे।
टेक्निकल खराबी पर साफ-सफाई
व्हाइट हाउस ने कहा है कि यह कोई गंभीर मामला नहीं था, बल्कि एहतियाती उपाय के तहत विमान को वापस लाया गया। राष्ट्रपति और मिशन की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए यह कदम उठाया गया।