US ‘Siege’ In The Middle East’: 3 वॉरशिप और 2200 मरीन सैनिक रवाना, ईरान के खार्ग आइलैंड पर कब्जे की तैयारी

वॉशिंगटन/तेहरान | 20 मार्च, 2026 मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध अब एक निर्णायक और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी करने के लिए अपने 3 शक्तिशाली वॉरशिप और 2200 मरीन सैनिकों की एक विशेष टुकड़ी (31st Marine Expeditionary Unit) को क्षेत्र में तैनात करने का आदेश दिया है।

खार्ग आइलैंड पर ‘बूट्स ऑन ग्राउंड’ का प्लान?

सबसे चौंकाने वाला दावा ‘एक्सियोस’ (Axios) की एक रिपोर्ट में किया गया है, जिसके मुताबिक ट्रंप प्रशासन ईरान के सबसे महत्वपूर्ण तेल हब ‘खार्ग आइलैंड’ (Kharg Island) पर कब्जा करने या उसकी पूर्ण नाकेबंदी (Blockade) करने की योजना पर विचार कर रहा है।

Netanyahu’S Big Announcement : ‘मैं जिंदा हूं और हम जीत रहे हैं’, 20 दिन की जंग में ईरान की कमर टूटी

Advertisement

  • रणनीतिक महत्व: ईरान का 90% कच्चा तेल इसी द्वीप से एक्सपोर्ट होता है। इस पर नियंत्रण का मतलब है ईरान की आर्थिक रीढ़ को पूरी तरह तोड़ देना।

  • लक्ष्य: अमेरिका का उद्देश्य ईरान पर दबाव बनाकर ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को फिर से खुलवाना है, जिसे ईरान ने हालिया संघर्ष के दौरान बाधित कर दिया है।

तैनात हो रहा है ‘USS ट्रिपोली’

अमेरिकी बेड़े का नेतृत्व एम्फीबियस असॉल्ट शिप USS ट्रिपोली (LHA-7) कर रहा है। यह जहाज केवल एक वॉरशिप नहीं, बल्कि समुद्र में तैरता एक मिलिट्री बेस है:

  • मारक क्षमता: इस पर F-35B फाइटर जेट्स, ओस्प्रे (V-22) विमान और हमलावर हेलीकॉप्टर तैनात हैं।

  • मरीन फोर्स: ओकिनावा (जापान) से भेजे जा रहे 2200 मरीन सैनिक किसी भी तटीय हमले या घुसपैठ (Amphibious Assault) को अंजाम देने में माहिर हैं।

“ईरान को बातचीत की मेज पर लाएंगे”

व्हाइट हाउस के सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका अगले एक महीने तक हवाई हमलों के जरिए ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करेगा और फिर जरूरत पड़ने पर खार्ग आइलैंड पर नियंत्रण कर सकता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम चाहते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहे। अगर इसके लिए खार्ग आइलैंड लेना पड़ा, तो वह भी होगा।”

Spread the love
Advertisement