Virendra Singh Tomar : 6 माह से फरार कुख्यात अपराधी वीरेन्द्र सिंह तोमर उर्फ रूबी आखिरकार गिरफ्तार, ग्वालियर से दबोचा गया

Virendra Singh Tomar Virendra Singh Tomar
Virendra Singh Tomar

रायपुर, 09 नवंबर: छत्तीसगढ़ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। छह माह से फरार चल रहे कुख्यात अपराधी वीरेन्द्र सिंह तोमर उर्फ रूबी को पुलिस ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर रायपुर के तेलीबांधा और पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में दर्ज कई गंभीर आपराधिक मामलों में पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी। पुलिस के मुताबिक, रूबी पर मारपीट, अवैध संपत्ति निर्माण, आर्म्स एक्ट उल्लंघन और करोड़ों रुपये की अवैध वसूली जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं।

Fraud case : रायगढ़ फाइनेंस स्कैम, 26 लोगों से ठगी, कंपनी के कर्मचारियों पर केस दर्ज

6 माह से पुलिस को दे रहा था चकमा

सूत्रों के अनुसार, वीरेन्द्र सिंह तोमर उर्फ रूबी पिछले करीब छह महीनों से फरार था और लगातार अपना ठिकाना बदलता जा रहा था। पुलिस की कई विशेष टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं। अंततः एक गुप्त सूचना के आधार पर रायपुर पुलिस ने ग्वालियर में दबिश दी, जहां से रूबी को गिरफ्तार कर रायपुर लाया गया।

Advertisement

करोड़ों रुपये की अवैध वसूली का पर्दाफाश

तेलीबांधा थाने में दर्ज प्रकरणों की जांच के दौरान पुलिस को वीरेन्द्र सिंह तोमर की अवैध गतिविधियों के बड़े नेटवर्क का पता चला। पुलिस ने बताया कि रूबी “विस्टों फाइनेंस” नामक एक फर्जी वित्तीय समूह के माध्यम से लोगों से करोड़ों रुपये की वसूली करता था। जांच में करोड़ों रुपये के लेन-देन और अवैध संपत्ति के दस्तावेज भी पुलिस के हाथ लगे हैं।

घर से मिले थे अवैध हथियार और दस्तावेज

पुलिस ने पहले की कार्रवाई में आरोपी के रायपुर स्थित निवास पर छापा मारा था, जिसमें कई अवैध हथियार, नकद राशि और दस्तावेज बरामद किए गए थे। इन दस्तावेजों में ऐसे प्रमाण मिले जिनसे रूबी के आपराधिक नेटवर्क और अन्य राज्यों में सक्रिय गैंग से उसके संबंधों की पुष्टि होती है।

ग्वालियर में बदल रहा था ठिकाने

जानकारी के मुताबिक, फरारी के दौरान रूबी ने अपना नाम और पहचान बदलकर ग्वालियर में नया ठिकाना बना लिया था। वह लगातार किराये के मकानों में रहकर अपना ठिकाना बदलता रहा ताकि पुलिस की नज़रों से बचा रहे। लेकिन रायपुर पुलिस की तकनीकी और मुखबिर टीमों ने मिलकर उसकी लोकेशन ट्रेस की और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया।

Spread the love
Advertisement