- बड़ा स्कोर: चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद 6.08 करोड़ लोग फाइनल लिस्ट से बाहर।
- टॉप डिफेंडर: उत्तर प्रदेश ने लिस्ट से सबसे ज्यादा 2.04 करोड़ ‘फर्जी’ या अमान्य नाम हटाए।
- बंगाल का हाल: पश्चिम बंगाल में 91 लाख वोटरों के नाम मतदाता सूची से काटे गए।
Voter List Final List 2026 , नई दिल्ली — चुनाव आयोग ने देश की चुनावी ‘पिच’ को साफ करने के लिए अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन चलाया है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे फेज के नतीजे शुक्रवार को जारी हुए, जिसमें उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट से रिकॉर्ड 6.08 करोड़ नाम हटा दिए गए हैं। आयोग ने फर्जी वोटिंग और दोहरी प्रविष्टियों को रोकने के लिए इस ‘क्लीन स्वीप’ को अंजाम दिया है।
मैदान का हाल: राज्यों का ‘स्कोरकार्ड’ और भारी कटौती
चुनाव आयोग की इस कार्रवाई ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। आंकड़ों के लिहाज से यह किसी नॉकआउट राउंड जैसा है, जहां अमान्य वोटरों को मैदान से बाहर का रास्ता दिखाया गया है।
- उत्तर प्रदेश (UP): यहां सबसे ज्यादा 2.04 करोड़ नाम कटे। आयोग ने राज्य में डेड वोटर्स और शिफ्टेड वोटर्स की पहचान कर लिस्ट को अपडेट किया।
- पश्चिम बंगाल: लिस्ट की सफाई के दौरान 91 लाख नाम हटाए गए हैं।
- कुल कवरेज: यह अभियान 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों (UT) में चलाया गया था।
वोटर लिस्ट कटौती: मुख्य आंकड़े
- कुल हटाए गए नाम: 6.08 करोड़
- उत्तर प्रदेश में कटौती: 2.04 करोड़
- पश्चिम बंगाल में कटौती: 91 लाख
- कुल प्रभावित राज्य/UT: 12
“वोटर लिस्ट को शुद्ध करना हमारी प्राथमिकता है। SIR के दूसरे चरण में हमने तकनीक और जमीनी सत्यापन के जरिए लाखों फर्जी और दोहरे नामों को हटाया है ताकि चुनाव की शुचिता बनी रहे।” — चुनाव आयोग आधिकारिक प्रवक्ता