Operation Vermilion : पहलगाम हमले का जवाब ऑपरेशन सिंदूर में भारत का समुद्री प्रहार जारी

Operation Vermilion  , नई दिल्ली: भारतीय नौसेना के समुद्री प्रभुत्व पर मुहर लगाते हुए नेवी चीफ एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर आज भी जारी है’ और इसकी संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए कई जानकारियाँ सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं। नेवी चीफ का यह बयान न केवल पाकिस्तान के लिए चिंता बढ़ाने वाला है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि भारत अब समुद्री क्षेत्र में आक्रामक और निर्णायक रुख अपनाए हुए है।

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 पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन

अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने इस ऑपरेशन की शुरुआत मई 2025 में की थी। यह मिशन आतंकियों के खिलाफ रणनीतिक जवाब के साथ—पड़ोसी मुल्क को कड़े संदेश का प्रतीक भी बना।

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नेवी प्रमुख ने स्पष्ट कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक मिशन नहीं, बल्कि भारत की समुद्री सुरक्षा, ताकत और जवाबदेही का मजबूत मॉडल है।

INS विक्रांत के नेतृत्व में कैरियर बैटल ग्रुप की तैनाती

ऑपरेशन सिंदूर की सबसे बड़ी ताकत रही है उत्तरी अरब सागर में भारतीय नौसेना की Carrier Battle Group (CBG) की आक्रामक तैनाती। इसमें शामिल हैं—

  • INS विक्रांत – भारत का स्वदेशी विमानवाहक युद्धपोत

  • मिसाइल विध्वंसक जहाज़

  • फ्रिगेट

  • पनडुब्बियाँ

  • समुद्री गश्ती विमान और हेलिकॉप्टर

इस समूह की मौजूदगी ने पूरे समुद्री क्षेत्र में भारतीय नौसेना की जबरदस्त पकड़ और शक्ति का प्रदर्शन किया।

दुश्मन नौसेना पर भारी दबाव

सूत्रों के मुताबिक, भारत की नौसैनिक ताकत को देखकर पाकिस्तान की नौसेना को अपने तटीय क्षेत्र तक सीमित रहना पड़ा।
उत्तरी अरब सागर में भारतीय नौसेना की आक्रामक मौजूदगी ने—

  • पाक नौसेना की गतिविधियों को सीमित किया

  • उसके समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक गतिविधियों पर असर डाला

  • समुद्री मार्गों पर भारत का दबदबा और बढ़ाया

नेवी चीफ के ताज़ा बयान से यह संकेत मिलता है कि भारत अभी भी इस समुद्री क्षेत्र में सक्रिय और पूरी तरह तैयार है।

 ऑपरेशन के रणनीतिक पहलू गोपनीय

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की कई जानकारियाँ सुरक्षा कारणों से साझा नहीं की जाएंगी।
यह संकेत है कि—

  • ऑपरेशन अभी अपने महत्वपूर्ण चरण में है

  • खुफिया गतिविधियाँ, निगरानी और समुद्री रणनीति अभी जारी है

  • भारत किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ रहा है

 नौसेना की क्षमता का ऐतिहासिक प्रदर्शन

इस ऑपरेशन ने यह साबित कर दिया कि भारतीय नौसेना न केवल हिंद महासागर क्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका निभा रही है, बल्कि किसी भी बाहरी खतरे का सामना करने में पूरी तरह सक्षम है।
INS विक्रांत जैसे शक्ति-प्रतीक युद्धपोत की मौजूदगी ने भारत की सैन्य तैयारी को और मजबूत किया है।

साथ ही, नौसेना ने जानकारी दी है कि भारतीय सेनाओं के संयुक्त प्रयास से एयर डिफेंस और समुद्री निगरानी व्यवस्था भी पूरी तरह सक्रिय रखी गई है।

 भारत का संदेश — ‘हम तैयार हैं’

नेवी चीफ का यह बयान पाकिस्तान और उसके समर्थित आतंकी संगठनों को स्पष्ट संदेश है कि भारत किसी भी स्थिति से निपटने के लिए न केवल तैयार है, बल्कि यदि जरूरत पड़ी तो समुद्र से लेकर जमीन तक शक्तिशाली जवाब देने में सक्षम है।

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