- बड़ा आंकड़ा: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा के दौरान कुल 583 लोगों ने सनातन धर्म में वापसी की।
- धार्मिक बदलाव: इन लोगों में एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी आस्था बदलने का निर्णय लिया।
- कड़ा संदेश: शास्त्री ने मंच से ‘कटने, बंटने और मिटने’ के खिलाफ हिंदुओं को एकजुट रहने की चेतावनी दी।
Bageshwar Dham Darbar 2026 , कोरबा — छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम सरकार का दरबार किसी ‘हाई-वोल्टेज’ फाइनल मैच की तरह चर्चा में है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यहां अपनी कथा के दौरान एक साथ 583 लोगों की घर वापसी कराकर सबको चौंका दिया। पंडाल में मौजूद भीड़ का जोश तब सातवें आसमान पर पहुंच गया जब एक मुस्लिम परिवार ने भी मंच के पास आकर सनातन धर्म अपनाने का ऐलान किया। शास्त्री ने इस मौके पर हिंदुओं की एकता को लेकर तीखा हमला बोला और कहा कि अब किसी को बंटने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
मैदान पर ‘यूनिटी’ का मंत्र: झूम उठे श्रद्धालु
कथा के दौरान माहौल तब पूरी तरह बदल गया जब पंडित शास्त्री ने अपने चिर-परिचित अंदाज में हुंकार भरी। पंडाल में मौजूद महिलाएं और पुरुष संगीत की धुनों पर झूमते नजर आए।
- आंकड़ों का खेल: 583 लोगों का एक साथ धर्म परिवर्तन इस क्षेत्र की सबसे बड़ी धार्मिक घटनाओं में से एक बन गया है।
- मुस्लिम परिवार की एंट्री: परिवार ने स्वेच्छा से सनातन धर्म स्वीकार करने की बात कही, जिसे शास्त्री ने ‘घर वापसी’ का नाम दिया।
- क्राउड कंट्रोल: कोरबा के इस दरबार में लाखों की भीड़ जुटी, जिससे प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
शास्त्री ने साफ कहा कि हिंदू समाज को अब अपनी रक्षा के लिए संगठित होना होगा। उन्होंने मंच से हुंकार भरी कि हिंदुओं को अब कटने या मिटने नहीं दिया जाएगा।
“हिंदुओं को अब कटने-बंटने और मिटने नहीं देंगे। यह जागृति का समय है। जो लोग भटक गए थे, उनका अपनी मूल जड़ों में वापस आना यह साबित करता है कि सत्य की जीत हमेशा होती है। हम किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने धर्म के साथ हैं।”
— पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, पीठाधीश्वर, बागेश्वर धाम