दिल्ली-NCR सावधान— भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 25 राज्यों के लिए अगले सात दिनों का हाई अलर्ट जारी किया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ते हुए 8 जून को अरब सागर के नए हिस्सों, पूरे कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई इलाकों में प्रवेश कर चुका है। इसी बीच, उत्तर भारत में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण 11 और 12 जून को दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भारी तबाही की आशंका है। इन राज्यों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और ओले गिरने की चेतावनी दी गई है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में ओलावृष्टि और आंधी का संकट
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में 11 जून से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा। 11 और 12 जून को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। पश्चिमी राजस्थान के थार रेगिस्तान से उठने वाली धूलभरी आंधी पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में लेगी। मौसम वैज्ञानिकों ने इस दौरान विजिबिलिटी घटने और ओलावृष्टि से फसलों व गाड़ियों को नुकसान होने की आशंका जताई है। इसके बाद 11 से 14 जून के बीच इन सभी राज्यों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी, जिससे तापमान में भारी गिरावट आने का अनुमान है।
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दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में ‘बहुत भारी’ बारिश की चेतावनी
मानसून की सक्रियता के कारण दक्षिण भारत और उप-हिमालयी क्षेत्रों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। अगले सात दिनों के दौरान केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु के घाट क्षेत्रों, पूर्वोत्तर भारत के सातों राज्यों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में मानसून काल बनकर बरस सकता है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में 115 मिमी से लेकर 204 मिमी तक की ‘भारी से बहुत भारी’ बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
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आम जनता पर असर: बिजली कटौती और ट्रैफिक जाम के लिए रहें तैयार
इस मौसमी बदलाव का सीधा असर आम नागरिकों की दिनचर्या पर पड़ने वाला है। दिल्ली के धौला कुआं, विकास मार्ग और गुरुग्राम-दिल्ली एक्सप्रेसवे जैसे व्यस्त रूटों पर जलभराव और आंधी के कारण भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। तेज हवाओं के चलते डिस्कॉम कंपनियों ने एहतियातन बिजली कटौती के संकेत दिए हैं ताकि फॉल्ट और शॉर्ट सर्किट से बचा जा सके। राजस्थान और हरियाणा के किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों और मंडियों में रखे अनाज को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें, क्योंकि 11 जून की रात से ओले गिरने की प्रबल आशंका है।