रायपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रेस वार्ता के दौरान विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों ने देश की महिलाओं के अधिकारों के साथ न्याय नहीं किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस अधिनियम को सरल और तर्कसंगत तरीके से समझाया, लेकिन विपक्ष ने इसे समर्थन नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, टीएमसी और सपा जैसे दलों ने मिलकर इस महत्वपूर्ण बिल को पास नहीं होने दिया, जिससे देश की करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों को झटका लगा है।
इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, रायपुर महापौर मीनल चौबे, सांसद कमलेश जांगड़े और सांसद लक्ष्मी वर्मा भी मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक सुर में विपक्ष के रुख की आलोचना की।
10वीं-12वीं रिजल्ट पर अंतिम मुहर, जल्द होगा आधिकारिक ऐलान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारत में प्राचीन काल से ही महिलाओं को सम्मान दिया जाता रहा है और उन्हें देवी स्वरूप माना जाता है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। छत्तीसगढ़ में उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण और महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पिछले कई दशकों से महिला आरक्षण की बात करती रही है, लेकिन हर बार जब इसे लागू करने का मौका आता है, तो पीछे हट जाती है। इस बार भी यही हुआ है, जो देश की महिलाओं के साथ अन्याय है।
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा कि यह दिन इतिहास में दर्ज होना चाहिए था, लेकिन विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों का हनन किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाया है।