अंदर की तैयारी पूरी, बस फाइनल सिग्नल बाकी
मूल्यांकन का काम समय पर खत्म कर लिया। अब काउंटिंग, मिलान और रिजल्ट फाइनल करने का काम चल रहा है। यह वह चरण है जहां छोटी गलती भी बड़ा असर डाल सकती है। इसलिए टीम धीमे लेकिन सटीक काम कर रही है। एक अधिकारी ने बताया, “डेटा को बार-बार चेक किया जा रहा है ताकि रिजल्ट में कोई गड़बड़ी न हो।”
देरी क्यों हुई?
इस बार कहानी सीधी नहीं थी। 10वीं का हिंदी पेपर दोबारा हुआ।10 अप्रैल 2026 को री-एग्जाम लिया गया। इससे पूरा कैलेंडर थोड़ा पीछे खिसक गया।छात्रों के लिए इंतजार लंबा हुआ। लेकिन बोर्ड ने साफ कहा—सही रिजल्ट ज्यादा जरूरी है।