रायपुर: छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंताजनक स्थिति बनी हुई है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुए भीषण सड़क हादसों ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। कोरबा, सरगुजा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद और धमतरी में हुई अलग-अलग दुर्घटनाओं में कुल 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
हादसों का विवरण: एक नजर में
इन घटनाओं में तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहनों का कहर साफ देखने को मिला। कहीं दोपहिया वाहन आमने-सामने टकरा गए, तो कहीं अनियंत्रित भारी वाहनों ने राहगीरों को अपनी चपेट में ले लिया।
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कोरबा: यहां हुए हादसे में तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।
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सरगुजा: स्थानीय सड़कों पर अनियंत्रित वाहन के कारण हुई दुर्घटना में एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया।
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मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: यहां सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी के चलते एक दुखद हादसा सामने आया।
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बालोद और धमतरी: इन दोनों जिलों में भी सड़क दुर्घटनाओं की पुष्टि हुई है, जहां अलग-अलग हादसों में कई लोग घायल हुए और हताहत होने की खबर है।
लापरवाही बनी जानलेवा
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इन हादसों के पीछे मुख्य रूप से तेज रफ्तार, यातायात नियमों का उल्लंघन और चालकों की लापरवाही है। प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने प्रशासन और यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़कों पर भारी वाहनों का बेलगाम चलना और यातायात संकेतों की अनदेखी आम जनजीवन के लिए खतरा बनती जा रही है।
प्रशासन सख्त, जांच के आदेश
लगातार हो रही इन मौतों के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन और पुलिस को सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है। स्थानीय पुलिस ने सभी मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आरोपी वाहन चालकों की तलाश की जा रही है। साथ ही, परिवहन विभाग को ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।