क्यों बदली गई परीक्षा की तारीख?
दबाव बढ़ रहा था। छात्र बोल रहे थे—“समय कम है।”
और आखिरकार आयोग ने कदम उठाया।
शेड्यूल को रीसेट किया।
नई तारीखें साफ हैं—6, 7, 8 और 9 जून।
इस फैसले के पीछे एक बड़ा कारण है—तैयारी का गैप।
कई कैंडिडेट्स ने बताया कि प्रीलिम्स के बाद मेंस के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल रहा था।
अब उन्हें लगभग 20 दिन अतिरिक्त मिल गए हैं।
ग्राउंड पर क्या दिखा?
कोचिंग सेंटरों में हलचल तेज है।लाइब्रेरी भरी पड़ी हैं। एक छात्र ने कहा,“अब गेम बदल गया है। टाइम मिला है, तो अब स्कोर करना ही पड़ेगा।” आप माहौल महसूस कर सकते हैं—टेबल पर खुले नोट्स, मार्कर की आवाज, और दीवार घड़ी की टिक-टिक। हर सेकंड की कीमत बढ़ गई है।