BREAKING NEWS : बिहार में कुदरत का कहर’ भीषण तूफान और वज्रपात से 13 की मौत, गर्मी से राहत बनी आफत

BREAKING NEWS : पटना, 1 मई 2026 पिछले कई दिनों से भीषण लू और 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुके पारे से जूझ रहे बिहार को मौसम ने राहत तो दी, लेकिन यह राहत अपने साथ भारी तबाही लेकर आई। बुधवार रात से शुरू हुआ प्री-मानसून तूफान और आंधी-बारिश का सिलसिला गुरुवार तक जारी रहा, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों में कम से कम 13 लोगों की जान चली गई।

33 जिलों में ‘येलो अलर्ट’, मानसून से पहले की हलचल

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के मेल से बिहार के ऊपर वायुमंडलीय अस्थिरता पैदा हुई है। इसके कारण अगले 3 मई तक राज्य के 33 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।

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इन जिलों में हुईं मौतें

तूफान और वज्रपात ने सबसे ज्यादा कहर मुजफ्फरपुर, मधुबनी, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, दरभंगा, हाजीपुर, छपरा और बेगूसराय में बरपाया है।

  • हादसों की प्रकृति: अधिकांश मौतें पेड़ गिरने, बिजली के खंभे उखड़ने और आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चपेट में आने से हुई हैं।

  • प्रमुख घटनाएं: बेगूसराय में एक नवनिर्मित दीवार गिरने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि औरंगाबाद में शादी समारोह के दौरान बिजली गिरने से दूल्हे के चाचा की जान चली गई। हाजीपुर और मुजफ्फरपुर में पेड़ गिरने की घटनाओं में बुजुर्गों और बच्चों ने जान गंवाई।

फसलों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान

तूफान की वजह से बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लगा है:

  • बागवानी: ओलावृष्टि और तेज आंधी के कारण आम और लीची की तैयार फसलों को भारी नुकसान हुआ है। टिकोले और फल झड़ जाने से किसान मायूस हैं।

  • बिजली व्यवस्था: सैकड़ों बिजली के खंभे और तार टूटने से कई जिलों में 20 से 24 घंटे तक बिजली गुल रही।

  • यातायात: मुख्य सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित रहा और कई रेलखंडों पर ट्रेनों के परिचालन पर भी असर पड़ा।

तापमान में गिरावट पर खतरा बरकरार

भले ही पटना समेत अधिकांश जिलों में तापमान गिरकर 33-35 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ गया है, लेकिन मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि खुले स्थानों पर रहने वाले लोग सतर्क रहें। विशेषकर ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले किसानों को वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है।

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