ऑडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप
वायरल ऑडियो सामने आने के बाद विभाग के भीतर बेचैनी साफ दिखाई देने लगी थी। ऑडियो में कथित तौर पर ड्राइवर को डांटते, अपमानित करते और अन्य अधिकारियों को लेकर अशोभनीय टिप्पणी करते हुए आवाज सुनाई दी। सोशल मीडिया पर यह क्लिप तेजी से फैल गई। कई कर्मचारियों ने बंद कमरों में इसकी चर्चा शुरू कर दी। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद शशांक सिंह और ड्राइवर शशिकांत दोनों से जवाब मांगा गया। जांच के दौरान विभागीय अधिकारियों ने रिकॉर्डिंग की सत्यता और परिस्थितियों की जानकारी जुटाई। आखिरकार विभाग ने निलंबन आदेश जारी कर दिया। कार्यालय के बाहर रविवार सुबह माहौल सामान्य दिखा, लेकिन अंदर कर्मचारियों के बीच तनाव महसूस किया जा सकता था। कई लोग धीमी आवाज में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा करते नजर आए।
गिरफ्तारी की तलवार लटकी, Chhattisgarh High Court ने आरोपों को माना गंभीर
सरकारी सिस्टम में व्यवहार पर उठे सवाल
यह मामला सिर्फ एक वायरल ऑडियो तक सीमित नहीं रहा। सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों और अधीनस्थ कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी बहस तेज हो गई है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि कार्यस्थल पर सम्मानजनक माहौल जरूरी है। कुछ कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विभाग में लंबे समय से तनावपूर्ण माहौल की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया भी तेज रही। कई यूजर्स ने कार्रवाई का समर्थन किया, जबकि कुछ ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
