Nirjala Ekadashi’ नई दिल्ली। सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है। हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से जीवन में सुख-शांति आती है और पापों से मुक्ति मिलती है।
परम एकादशी कब है?
जून माह में परम एकादशी (अपरा एकादशी) 10 जून 2026, बुधवार को पड़ रही है। इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने का विशेष महत्व है।
निर्जला एकादशी की तिथि
वहीं, निर्जला एकादशी 25 जून 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। यह वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक मानी जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से वर्ष भर की सभी एकादशियों का फल प्राप्त होता है।
निर्जला एकादशी का शुभ मुहूर्त
- एकादशी तिथि प्रारंभ: 24 जून 2026, रात 11:45 बजे (लगभग)
- एकादशी तिथि समाप्त: 25 जून 2026, रात 09:40 बजे (लगभग)
व्रत और पूजा का महत्व
निर्जला एकादशी के दिन व्रती बिना जल ग्रहण किए उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व होता है, जिसमें अन्न, जल, वस्त्र आदि का दान किया जाता है।
क्या करें इस दिन
- सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें
- भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें
- गरीबों को अन्न, जल और वस्त्र दान करें
- पूरे दिन सात्विकता और संयम का पालन करें