नई दिल्ली। आज के दौर में शादियां केवल दो लोगों का मिलन नहीं रह गई हैं, बल्कि यह सोशल स्टेटस और दिखावे का बड़ा मंच बनती जा रही हैं। इसी चमचमाती दुनिया के पीछे छिपे सामाजिक यथार्थ को उजागर करती है अमेजन प्राइम वीडियो की चर्चित भारतीय वेब सीरीज ‘Made in Heaven’।
दिल्ली की हाई-प्रोफाइल शादियों की कहानी
जोया अख्तर और रीमा कागती द्वारा निर्मित यह सीरीज दिल्ली के दो वेडिंग प्लानर्स—तारा खन्ना और करन मेहरा—की जिंदगी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो ‘Made in Heaven’ नाम की इवेंट कंपनी चलाते हैं। हर एपिसोड में यह टीम देश की बड़ी और हाई-प्रोफाइल शादियों को मैनेज करती है, जहां अमीर और रसूखदार परिवारों की परतें धीरे-धीरे खुलती हैं। शो केवल भव्य शादियों की दुनिया तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के भीतर छिपे पाखंड, जातिगत भेदभाव, दहेज प्रथा, लैंगिक असमानता और रूढ़िवादी सोच को भी गहराई से उजागर करता है।
निजी जिंदगी की जटिल कहानियां
सीरीज के मुख्य किरदार तारा खन्ना अपनी शादीशुदा जिंदगी में अकेलेपन और रिश्तों की उलझनों से जूझती हैं, जबकि करन मेहरा अपनी लैंगिक पहचान और समाज की स्वीकार्यता के संघर्ष का सामना करते हैं। इन दोनों की व्यक्तिगत कहानियां शो को और अधिक वास्तविक और भावनात्मक बनाती हैं।
दमदार कास्ट और निर्देशन
इस सीरीज में अर्जुन माथुर (करन मेहरा), शोभिता धूलिपाला (तारा खन्ना), जिम सर्भ, कल्कि कोचलिन, शशांक अरोड़ा, शिवानी रघुवंशी और मोना सिंह जैसे कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।
इसे जोया अख्तर और रीमा कागती ने क्रिएट किया है, जबकि इसके एपिसोड्स का निर्देशन नित्या मेहरा, अलंकृता श्रीवास्तव और नीरज घेवान जैसे निर्देशकों ने किया है।
ओटीटी पर उपलब्ध और लोकप्रियता
‘Made in Heaven’ अमेजन प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है और इसके दोनों सीजन दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं। पहले सीजन में 9 एपिसोड और दूसरे सीजन में 7 एपिसोड शामिल हैं। IMDb पर इस सीरीज को 8.2 की रेटिंग मिली है, जो इसकी गुणवत्ता और लोकप्रियता को दर्शाती है।
आज के समाज में प्रासंगिकता
यह सीरीज आज के आधुनिक भारतीय समाज का आईना मानी जाती है। जहां एक ओर लोग आधुनिकता की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर शादियों में आज भी दहेज, जातिवाद, सामाजिक दबाव और रूढ़िवादी परंपराएं मौजूद हैं।
‘Made in Heaven’ यह दिखाती है कि कैसे बाहरी तौर पर परफेक्ट दिखने वाले रिश्तों और परिवारों के पीछे कई कड़वे सच छिपे होते हैं। शो यह भी उजागर करता है कि आधुनिक समाज में भी पितृसत्ता और सामाजिक भेदभाव पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।