क्रिकेटरों की ‘जल्दबाज़ी’ पर BCCI का कड़ा एक्शन! संन्यास के बाद विदेशी लीग खेलने पर लग सकता है 5 साल का बैन

BCCI takes strict action against cricketers' 'hasty' behaviour BCCI takes strict action against cricketers' 'hasty' behaviour
BCCI takes strict action against cricketers' 'hasty' behaviour

क्रिकेटरों की ‘जल्दबाज़ी’ पर BCCI का कड़ा एक्शन— भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेकर तुरंत विदेशी टी20 लीग का रुख करने वाले खिलाड़ियों पर लगाम लगाने की तैयारी कर रहा है। बोर्ड ऐसे क्रिकेटर्स के लिए एक सख्त ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ (Cooling-off Period) नीति बनाने जा रहा है। गुरुवार को आयोजित बीसीसीआई एपेक्स काउंसिल की ऑनलाइन बैठक में इस गंभीर मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसका सीधा असर आने वाले समय में संन्यास लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों के भविष्य पर पड़ेगा।

BCCI takes strict action against cricketers' 'hasty' behaviour
BCCI takes strict action against cricketers’ ‘hasty’ behaviour

विजय शंकर का ताजा मामला बना नीति की वजह

यह मुद्दा तब गरमाया जब हाल ही में भारतीय ऑलराउंडर विजय शंकर ने भारतीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की। संन्यास के तुरंत बाद उन्होंने खुद को श्रीलंका की लंका प्रीमियर लीग (LPL) के लिए उपलब्ध करा दिया, जिसके बाद कैंडी रॉयल्स ने उन्हें 2026 सत्र के लिए अपनी टीम में शामिल कर लिया। विजय शंकर का यह कदम इस नीति को जल्द लागू करने का तात्कालिक कारण बना है।

बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि खिलाड़ी बीसीसीआई के घरेलू सत्र या अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं से बचने के लिए समय से पहले संन्यास ले रहे हैं ताकि वे विदेशी लीगों में मोटी रकम कमा सकें। भारतीय क्रिकेट की गरिमा और घरेलू टूर्नामेंटों (जैसे रणजी ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी) के स्तर को बनाए रखने के लिए इस प्रवृत्ति को रोकना जरूरी समझा जा रहा है।

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दिनेश कार्तिक और युवराज सिंह समेत कई खिलाड़ी खेल चुके हैं विदेशी लीग

विजय शंकर इस रास्ते पर चलने वाले अकेले खिलाड़ी नहीं हैं। इससे पहले भी कई बड़े भारतीय नाम संन्यास के तुरंत बाद विदेशी लीगों में नजर आ चुके हैं। हाल ही में दिनेश कार्तिक ने दक्षिण अफ्रीका की ‘एसए20’ (SA20) लीग में हिस्सा लिया था। उनसे पहले युवराज सिंह (ग्लोबल टी20 कनाडा), इरफान पठान (लंका प्रीमियर लीग), प्रवीण तांबे और अंडर-19 विश्व कप विजेता कप्तान उन्मुक्त चंद (अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट) जैसे खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट को अलविदा कहकर विदेशी धरती पर खेलते दिखे हैं।

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क्या होगा नया नियम और खिलाड़ियों पर असर

प्रस्तावित नीति के तहत, यदि कोई भारतीय खिलाड़ी बीसीसीआई के किसी भी प्रारूप (अंतरराष्ट्रीय या घरेलू) से संन्यास लेता है, तो वह तुरंत किसी विदेशी टी20 या टी10 लीग में नहीं खेल पाएगा। उसे कम से कम एक से दो साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड बिताना होगा।

इस नियम के लागू होने से उन सक्रिय खिलाड़ियों पर सीधा असर पड़ेगा जो आईपीएल या घरेलू क्रिकेट में मौका न मिलने पर सीधे विदेशी बोर्ड्स का रुख कर लेते हैं। हालांकि, जो खिलाड़ी पूरी तरह क्रिकेट छोड़ चुके हैं या कोचिंग और कमेंट्री में जाना चाहते हैं, उन्हें इस दायरे से बाहर रखा जा सकता है। एपेक्स काउंसिल जल्द ही इस नीति के अंतिम मसौदे को मंजूरी देकर इसे आधिकारिक तौर पर लागू करेगी।

 

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