हॉर्मुज जलडमरूमध्य में भीषण टकराव—वाशिंगटन. खाड़ी क्षेत्र में जारी अस्थाई युद्धविराम के टूटने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। अमरीकी सेना ने शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की ओर बढ़ रहे चार ईरानी ड्रोन को मार गिराया। इस सैन्य कार्रवाई के तुरंत बाद अमरीकी बलों ने जवाबी रुख अपनाते हुए ईरान के कई तटीय निगरानी रडार ठिकानों को बमबारी कर नष्ट कर दिया। इस कदम से खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की स्थिति एक बार फिर बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में जवाबी कार्रवाई: अमरीकी सेंट्रल कमांड की पुष्टि
अमरीकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस त्वरित सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। रक्षा विभाग के अनुसार, इन हमलावर ड्रोनों की टोह मिलते ही सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो गया था। यह ड्रोन अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक मार्ग के बेहद करीब पहुंच चुके थे। अमरीकी सेंट्रल कमांड ने बयान जारी कर कहा कि इन हमलावर ड्रोनों से क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात और कमर्शियल जहाजों को तत्काल बड़ा खतरा पैदा हो गया था, जिसके चलते इन्हें हवा में ही नष्ट करना जरूरी था।
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ड्रोन मार गिराने के बाद अमरीकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने भविष्य के खतरों को रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया। अमरीकी लड़ाकू विमानों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एक द्वीप और ईरान के तटीय इलाकों में बने कई सक्रिय रडार स्टेशनों को निशाना बनाकर बमबारी की। इन ठिकानों का इस्तेमाल ईरान जहाजों की निगरानी और ड्रोन ऑपरेशन्स को गाइड करने के लिए कर रहा था।
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ था घातक हमला
यह ताजा सैन्य टकराव इस सप्ताह की शुरुआत में हुए एक अन्य बड़े हमले का नतीजा है। कुछ दिनों पहले ही ईरानी ड्रोन ने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मुख्य पैसेंजर टर्मिनल को निशाना बनाया था, जिससे वहां भारी तबाही हुई थी। उस घातक हमले में एक नागरिक की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। सुरक्षा कारणों और मलबे को हटाने के लिए अधिकारियों को कई घंटों तक इस प्रमुख हवाई अड्डे को पूरी तरह बंद रखना पड़ा था, जिससे वैश्विक विमान सेवाएं प्रभावित हुई थीं।
वैश्विक आपूर्ति और नागरिकों पर असर:
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग है। इस ताजा सैन्य टकराव के बाद क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। खाड़ी देशों से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को अपनी सुरक्षा बढ़ाने और रूट पर सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में अचानक उछाल आने की आशंका बढ़ गई है। आने वाले दिनों में यदि दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं हुआ, तो नागरिक विमानन (Aviation Sector) और समुद्री कार्गो रूट में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे एशिया और यूरोप के बीच का व्यापार सीधा प्रभावित होगा।