अंडमान सागर में उमड़ा ऊर्जा का समंदर! ‘श्री विजय पुरम-3’ कुएं से देश को मिली बड़ी सौगात, घटेगी विदेशी निर्भरता

A sea of ​​energy surges in the Andaman Sea A sea of ​​energy surges in the Andaman Sea
A sea of ​​energy surges in the Andaman Sea

अंडमान सागर में उमड़ा ऊर्जा का समंदर— भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है। केंद्र सरकार की दिग्गज नवरत्न कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने अंडमान अपतटीय बेसिन में प्राकृतिक गैस के एक विशाल भंडार की खोज की है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने खुद एक वीडियो साझा कर इस बड़ी सफलता की आधिकारिक पुष्टि की। यह खोज देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

A sea of ​​energy surges in the Andaman Sea
A sea of ​​energy surges in the Andaman Sea

समुद्र में 1900 मीटर नीचे मिला हाइड्रोकार्बन का खजाना

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह सफलता अंडमान निकोबार द्वीप समूह के तट से करीब 15 किलोमीटर दूर श्री विजय पुरम-3 (Sri Vijay Puram-3) नामक स्थान पर मिली है। ऑयल इंडिया लिमिटेड ने यहाँ गहरे समुद्र में ड्रिलिंग ऑपरेशन चलाया था। यह गैस ब्लॉक पानी में लगभग 1900 मीटर की भारी गहराई पर स्थित है।

शुरुआती टेस्टिंग के दौरान कुएं से लगातार गैस जलने (फ्लेयरिंग) के बाद इस ब्लॉक में गैस की मौजूदगी की शत-प्रतिशत पुष्टि हुई है। ऑयल इंडिया के इंजीनियरों और वैज्ञानिकों ने सुरक्षा मानकों के तहत गैस के सैंपल ले लिए हैं। इन सैंपलों को विस्तृत जांच और उनकी गुणवत्ता का पता लगाने के लिए उन्नत प्रयोगशाला (लैबोरेट्री) में भेज दिया गया है।

Advertisement

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में भीषण टकराव: अमरीका ने नष्ट किए ईरान के रडार स्टेशन, 4 सुसाइड ड्रोन ढेर

 

तीन में से दो कुओं में मिले हाइड्रोकार्बन के संकेत

अंडमान बेसिन को ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ काफी समय से एक संभावित हॉटस्पॉट मान रहे थे, लेकिन गहरे पानी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहाँ काम करना बेहद चुनौतीपूर्ण था। ऑयल इंडिया लिमिटेड ने इस बेसिन में अब तक कुल तीन कुओं की खुदाई की है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बात यह है कि इन तीन में से दो कुओं में हाइड्रोकार्बन (तेल और गैस) की उपस्थिति दर्ज की जा चुकी है। सफलता का यह अनुपात बेहद उत्साहजनक है और यह साबित करता है कि अंडमान के समुद्री क्षेत्र में ऊर्जा का बड़ा भंडार छिपा हुआ है।

CG NEWS : केंद्रीय जेल में 5 दिन में दूसरी मौत’ सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, जांच शुरू

भारत के ऊर्जा बाजार और आम नागरिकों पर क्या होगा असर?

इस खोज के कई दूरगामी परिणाम होंगे जो सीधे तौर पर देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता को प्रभावित करेंगे:

  • विदेशी आयात पर निर्भरता होगी कम: भारत वर्तमान में अपनी जरूरत की 50 फीसदी से अधिक प्राकृतिक गैस विदेशों से आयात करता है। घरेलू उत्पादन बढ़ने से देश का हजारों करोड़ रुपया बचेगा।
  • वैश्विक कंपनियों का बढ़ेगा निवेश: भू-राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस खोज के बाद दुनिया की बड़ी वैश्विक ऊर्जा कंपनियां भारत के साथ गहरे समुद्री ब्लॉक में तकनीकी सहयोग और निवेश के लिए आगे आएंगी।
  • क्लीन एनर्जी को बढ़ावा: प्राकृतिक गैस को कोयले और कच्चे तेल के मुकाबले स्वच्छ ईंधन माना जाता है। इस भंडार से देश के सीएनजी (CNG) और पीएनजी (PNG) नेटवर्क को सीधे मजबूती मिलेगी।

 

Spread the love
Advertisement