Chhattisgarh Legislative Assembly Monsoon Session 2026 : विधानसभा मानसून सत्र 2026, किसानों, कानून-व्यवस्था और नकटी गांव के मुद्दे पर सरकार घिरेगी

Chhattisgarh Legislative Assembly Monsoon Session 2026 रायपुर, 13 जुलाई। छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। यह सत्र 13 से 17 जुलाई 2026 तक चलेगा, जिसमें कुल पांच बैठकें आयोजित की जाएंगी। इस दौरान राज्य सरकार सदन में 9 महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पेश करेगी, जबकि विपक्ष किसानों की समस्याओं, नवा रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, कानून-व्यवस्था और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

सत्र के पहले दिन ही कांग्रेस ने नवा रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाने के संकेत दिए हैं। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हो सकती है। इसके अलावा किसानों से जुड़े मुद्दे, फसल का उचित मूल्य, मुआवजा, सिंचाई व्यवस्था और कृषि संकट जैसे विषय भी सदन में प्रमुखता से उठाए जाएंगे।

1033 प्रश्नों से गूंजेगा सदन

विधानसभा सचिवालय के अनुसार इस बार मानसून सत्र के लिए कुल 1033 प्रश्न प्राप्त हुए हैं। इनमें 36 विधायकों ने विधानसभा नियमों के तहत अधिकतम 20-20 प्रश्न लगाए हैं। खास बात यह है कि प्रश्न पूछने वालों में विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के विधायक भी शामिल हैं। इससे विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।

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तीजन बाई को दी जाएगी श्रद्धांजलि

सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले हाल ही में दिवंगत हुईं प्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण सम्मान से सम्मानित तीजन बाई को सदन में श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद विधानसभा की नियमित कार्यवाही शुरू होगी।

नौ संशोधन विधेयकों पर होगी चर्चा

विधानसभा की कार्यसूची के अनुसार शुरुआती चार दिनों तक प्रश्नकाल, शून्यकाल और शासकीय कार्यों के साथ सरकार विभिन्न संशोधन विधेयकों को सदन में पेश करेगी। इन 9 संशोधन विधेयकों पर चर्चा कर उन्हें पारित कराने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, सत्र के अंतिम दिन 17 जुलाई को गैर-शासकीय कार्यों पर चर्चा और उनका निपटारा किया जाएगा।

राजनीतिक रूप से अहम रहेगा सत्र

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का मानसून सत्र कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर काफी अहम रहने वाला है। सरकार जहां अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष किसानों, कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक कार्रवाई और जनहित से जुड़े मामलों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करेगा। ऐसे में आगामी पांच दिनों तक विधानसभा में तीखी बहस और राजनीतिक गर्माहट देखने को मिलने की पूरी संभावना है।

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