उत्तराखंड के चर्चित Badrinath offering theft case में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के अचानक लापता होने से मामला और गंभीर हो गया है। उनकी पत्नी हेमलता नौटियाल ने पुलिस को तहरीर देकर पति के अपहरण की आशंका जताई है और जल्द से जल्द उन्हें सकुशल बरामद करने की मांग की है।

पत्नी ने पुलिस को दी तहरीर
हेमलता नौटियाल ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उच्च न्यायालय ने 16 जुलाई तक प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद रात के समय उन्हें घर से ले जाए जाने की जानकारी मिलने के बाद परिवार बेहद चिंतित है। उनका कहना है कि परिवार को यह भी नहीं बताया गया कि प्रमोद नौटियाल को कौन और किस कारण से लेकर गया।
उन्होंने पुलिस से तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू करने और प्रमोद नौटियाल का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित वापस लाने की मांग की है।
चढ़ावा चोरी मामले में पहले ही हो चुके हैं निलंबित
गौरतलब है कि बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद बीकेटीसी ने प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया था। इस मामले में उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
मंदिर में चढ़ने वाले दान और चढ़ावे की सुरक्षा को लेकर यह मामला काफी चर्चा में रहा है। आरोप सामने आने के बाद मंदिर समिति ने आंतरिक जांच भी शुरू की थी।
पुलिस ने क्या कहा?
नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी मनोज नौटियाल के अनुसार, प्रमोद नौटियाल के परिजन चौकी पहुंचे थे और उन्होंने पूरी जानकारी दी। पुलिस का कहना है कि प्रमोद नौटियाल के खिलाफ मामला कर्णप्रयाग थाने में दर्ज है। ऐसे में संभावना है कि पूछताछ के लिए वहां की पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई हो।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
एसआईटी की जांच भी जारी
इस पूरे मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) भी कर रहा है। जानकारी के अनुसार, एसआईटी ने 2 जुलाई को चढ़ावा गणना ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों के बयान दर्ज किए थे। इसके अलावा मंदिर समिति से जुड़े कई दस्तावेज भी जांच के लिए मांगे गए हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ आवश्यक दस्तावेज अभी तक एसआईटी को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, जिसके कारण जांच प्रक्रिया जारी है। जांच एजेंसियां चढ़ावे की गणना, रिकॉर्ड और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की विस्तार से पड़ताल कर रही हैं।
जांच के बाद सामने आएंगे तथ्य
फिलहाल प्रमोद नौटियाल के लापता होने की सूचना और परिवार की शिकायत ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। एक ओर अदालत की ओर से गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लागू है, वहीं दूसरी ओर परिवार अपहरण की आशंका जता रहा है। पुलिस और जांच एजेंसियों की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
यदि प्रमोद नौटियाल को किसी जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है तो इसकी आधिकारिक पुष्टि होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकती है। वहीं, एसआईटी की जांच पूरी होने के बाद चढ़ावा चोरी मामले में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।