CG High Court : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कोविड-19 महामारी के दौरान टीईटी परीक्षा रद्द होने का नुकसान अभ्यर्थियों को नहीं उठाना पड़ेगा। न्यायालय ने माना कि कोरोना महामारी जैसी असाधारण परिस्थितियों के कारण परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी, इसलिए इसका प्रतिकूल प्रभाव उम्मीदवारों के अधिकारों और भविष्य पर नहीं डाला जा सकता।
हाईकोर्ट के इस फैसले को शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
कोविड के कारण रद्द हुई थी परीक्षा
कोरोना महामारी के दौरान पूरे देश में शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हुई थीं। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई प्रतियोगी परीक्षाएं स्थगित या रद्द करनी पड़ी थीं। छत्तीसगढ़ में भी शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) निर्धारित समय पर आयोजित नहीं हो सकी, जिससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ।
इसी मामले को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और मांग की थी कि महामारी के कारण परीक्षा नहीं होने का नुकसान उनके करियर पर नहीं डाला जाना चाहिए।
अदालत ने अभ्यर्थियों के पक्ष में दिया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि कोविड-19 एक असाधारण और अप्रत्याशित परिस्थिति थी, जिस पर किसी भी अभ्यर्थी का नियंत्रण नहीं था। ऐसे में परीक्षा रद्द होने या समय पर आयोजित नहीं होने को उम्मीदवारों की गलती नहीं माना जा सकता।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक या प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण उत्पन्न बाधाओं का प्रतिकूल असर योग्य अभ्यर्थियों पर नहीं पड़ना चाहिए। न्यायालय ने निष्पक्षता और समान अवसर के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए अभ्यर्थियों के हित में फैसला सुनाया।
हजारों अभ्यर्थियों को मिलेगा लाभ
हाईकोर्ट के इस निर्णय से प्रदेश के हजारों ऐसे अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी पात्रता या भर्ती प्रक्रिया कोविड के दौरान परीक्षा रद्द होने से प्रभावित हुई थी। शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों को अब न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण साबित हो सकता है, जहां असाधारण परिस्थितियों के कारण परीक्षाएं प्रभावित हुई हों।
इस निर्णय के बाद राज्य में लंबित शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं को भी गति मिलने की संभावना जताई जा रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से वे इस मामले में न्याय की उम्मीद कर रहे थे और हाईकोर्ट के फैसले से उन्हें बड़ी राहत मिली है।