PM Fasal Bima Yojana 2026 : रायपुर, 21 जुलाई। खरीफ मौसम 2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत किसानों के लिए फसल बीमा कराने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन ने किसानों से 31 जुलाई 2026 से पहले अनिवार्य रूप से आवेदन करने की अपील की है। जिला स्तर पर आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक किसानों तक इसकी जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर की अध्यक्षता में 16 जुलाई को हुई जिला स्तरीय पर्यवेक्षण समिति की बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में कृषि विभाग, सहकारी बैंक, बीमा कंपनी और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।
प्राकृतिक आपदा से मिलेगा सुरक्षा कवच
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को सूखा, अतिवृष्टि, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात, कीट एवं रोग प्रकोप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
अधिकारियों ने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव को देखते हुए फसल बीमा किसानों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। नुकसान की स्थिति में बीमा दावा स्वीकृत होने पर किसानों को सीधे बैंक खाते में राशि दी जाती है।
इन फसलों का कराया जा सकता है बीमा
खरीफ सीजन में जिलेवार अधिसूचित फसलों का बीमा कराया जा सकता है। इनमें मुख्य रूप से धान, मक्का, सोयाबीन, अरहर, उड़द, मूंग और अन्य खरीफ फसलें शामिल हैं।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने क्षेत्र की अधिसूचित फसलों की जानकारी कृषि विभाग या सहकारी समिति से प्राप्त कर लें।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
फसल बीमा कराने के लिए किसानों को निम्न दस्तावेज जमा करने होंगे:
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आधार कार्ड
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बैंक पासबुक की प्रति
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भू-अधिकार पुस्तिका (बी-1)
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खसरा/नक्शा विवरण
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बोआई संबंधी जानकारी
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मोबाइल नंबर
ऋणी किसान जिनका फसल ऋण संबंधित बैंक से जुड़ा है, उन्हें भी बीमा की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी गई है।
कहां करें आवेदन?
किसान अपने नजदीकी सहकारी समिति, ग्रामीण बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक, कृषि विभाग कार्यालय या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है।
अधिकारियों ने कहा कि अंतिम दिनों में भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए किसान समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।
गांव-गांव चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ग्राम पंचायतों, कृषि विस्तार अधिकारियों और सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को योजना की जानकारी दी जाए। विशेष शिविर आयोजित कर बीमा आवेदन भरवाने और दस्तावेज सत्यापन की व्यवस्था भी की जाएगी।