CG NEWS : महादेव बैटिंग एप मामला’ संचालक सौरभ चंद्राकर का कथित फर्जी पासपोर्ट वायरल, ओमान में गिरफ्तारी के बाद बढ़ी जांच

CG NEWS : रायपुर, 21 जुलाई। महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप मामले में मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर की ओमान में गिरफ्तारी के बाद जांच ने नया मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर एक कथित पासपोर्ट की तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें फोटो सौरभ चंद्राकर की बताई जा रही है, जबकि नाम श्रीलंकाई पूर्व क्रिकेटर अजंता मेंडिस का दर्ज दिखाई दे रहा है। हालांकि इस दस्तावेज की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

सूत्रों के अनुसार, ओमान पुलिस ने हाल ही में सौरभ चंद्राकर को हिरासत में लिया है। गिरफ्तारी के बाद भारतीय जांच एजेंसियां उससे जुड़े दस्तावेजों और अंतरराष्ट्रीय यात्रा रिकॉर्ड की जांच में जुट गई हैं।

वायरल दस्तावेज से उठे सवाल

वायरल हो रहे कथित पासपोर्ट में फोटो और नाम अलग-अलग होने के कारण कई सवाल खड़े हो गए हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यदि दस्तावेज असली पाया जाता है, तो इसका इस्तेमाल पहचान छिपाने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए किया गया हो सकता है।

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हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दस्तावेज की फोरेंसिक और तकनीकी जांच जरूरी है।

प्रत्यर्पण से बचने की आशंका

जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि क्या आरोपी ने भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को जटिल बनाने के लिए फर्जी पहचान का सहारा लिया था। अंतरराष्ट्रीय यात्रा में उपयोग किए गए दस्तावेजों, वीजा रिकॉर्ड और इमिग्रेशन एंट्री की जानकारी जुटाई जा रही है।

यदि फर्जी पासपोर्ट के उपयोग की पुष्टि होती है, तो आरोपी पर जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने से संबंधित अतिरिक्त धाराएं भी लग सकती हैं।

ED और अन्य एजेंसियां सक्रिय

महादेव बेटिंग एप मामले की जांच पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं। एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध सट्टेबाजी और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) किया गया।

जांच के दौरान कई शहरों में छापेमारी, बैंक खातों की जांच और डिजिटल साक्ष्यों को जब्त करने की कार्रवाई की जा चुकी है।

सूत्रों के मुताबिक भारतीय एजेंसियां ओमान प्रशासन से औपचारिक संपर्क कर गिरफ्तारी, बरामद दस्तावेजों और अन्य कानूनी पहलुओं की जानकारी मांग सकती हैं। प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को लेकर भी कानूनी स्तर पर तैयारी की जा रही है।

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