CG News : शासकीय कार्यक्रमों के टेंट-पंडाल, साउंड और लाइटिंग के बकायों पर सरकार सख्त, अब हर महीने देनी होगी भुगतान और लंबित राशि की जानकारी

CG News : रायपुर।’ छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय कार्यक्रमों में टेंट, पंडाल, साउंड सिस्टम और लाइटिंग जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने वाले सेवा प्रदाताओं के लंबित भुगतान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बकाया भुगतान के मामलों के शीघ्र निराकरण के लिए नई व्यवस्था लागू की है। विभाग के सचिव ने इस संबंध में प्रमुख सचिव को पत्र भेजते हुए निर्देश दिया है कि अब हर महीने eFile के माध्यम से पिछले महीने तक किए गए भुगतान और लंबित बकायों की विस्तृत जानकारी भेजी जाए।

इस फैसले का उद्देश्य लंबित भुगतान की नियमित निगरानी करना और सेवा प्रदाताओं को समय पर उनकी राशि उपलब्ध कराना है।

हर महीने होगी बकाया भुगतान की समीक्षा

निर्देशों के अनुसार, अब शासकीय कार्यक्रमों में टेंट, पंडाल, साउंड सिस्टम, लाइटिंग और अन्य आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं के लिए किए गए भुगतान की मासिक समीक्षा की जाएगी। प्रत्येक विभाग को यह बताना होगा कि पिछले महीने तक कितना भुगतान किया गया और कितनी राशि अब भी लंबित है।

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इन सभी जानकारियों को ई-फाइल प्रणाली के माध्यम से शासन स्तर पर भेजना अनिवार्य होगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया पर नियमित निगरानी रखी जा सके।

लंबित भुगतान की शिकायतों के बाद लिया गया फैसला

पिछले कुछ समय से टेंट, पंडाल, साउंड और लाइटिंग का कार्य करने वाले व्यवसायियों की ओर से भुगतान में देरी की शिकायतें सामने आ रही थीं। कई सेवा प्रदाताओं का कहना था कि शासकीय कार्यक्रम संपन्न होने के महीनों बाद भी उन्हें भुगतान नहीं मिल पाता, जिससे उनके व्यवसाय और आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में यह कदम उठाया है।

ई-फाइल प्रणाली से होगी निगरानी

सरकार ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि भुगतान और लंबित राशि का पूरा विवरण केवल ई-फाइल प्रणाली के माध्यम से उपलब्ध कराया जाए। इससे रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा और किसी भी स्तर पर भुगतान की स्थिति की समीक्षा आसानी से की जा सकेगी।

अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल मॉनिटरिंग से भुगतान संबंधी मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक देरी पर भी अंकुश लगेगा।

सेवा प्रदाताओं को मिलेगी राहत

टेंट, पंडाल, साउंड और लाइटिंग का कार्य करने वाले छोटे और मध्यम व्यवसायियों के लिए यह निर्णय राहत भरा माना जा रहा है। समय पर भुगतान मिलने से उन्हें कर्मचारियों का वेतन, उपकरणों का रखरखाव और अन्य व्यावसायिक खर्चों का बेहतर प्रबंधन करने में सुविधा होगी।

व्यापारियों को उम्मीद है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद लंबे समय तक भुगतान लंबित रहने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।

अधिकारियों की जवाबदेही भी होगी तय

नई व्यवस्था के तहत विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। यदि किसी विभाग में भुगतान लंबे समय तक लंबित रहता है, तो उसकी जानकारी शासन स्तर पर उपलब्ध होगी और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जा सकता है।

सरकार का उद्देश्य केवल बकाया राशि का भुगतान कराना ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए नियमित निगरानी की प्रभावी व्यवस्था स्थापित करना भी है।

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