CGPSC घोटाला’ CBI के बाद ED की एंट्री, मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से होगी जांच’ CM विष्णु देव साय बोले- भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

CGPSC  रायपुर।’ छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC (छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग) भर्ती घोटाला मामले में अब जांच का दायरा और बढ़ गया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मामले में एंट्री कर ली है। ईडी अब कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच करेगी। इस बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

CBI के बाद अब ED की कार्रवाई तेज

सूत्रों के अनुसार, CGPSC भर्ती घोटाले में आरोपी टामन सिंह सोनवानी से रिमांड अवधि के दौरान ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित अनियमितताओं के जरिए अर्जित धन का उपयोग कहां और किस प्रकार किया गया।

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ईडी वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य आर्थिक पहलुओं की भी जांच कर सकती है। यदि जांच में अवैध संपत्ति या संदिग्ध लेन-देन के साक्ष्य मिलते हैं, तो आगे की कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की जा सकती है।

मनी ट्रेल की होगी गहन पड़ताल

ईडी की जांच का मुख्य फोकस कथित वित्तीय लेन-देन और धन के प्रवाह (मनी ट्रेल) पर रहेगा। एजेंसी यह पता लगाएगी कि यदि किसी प्रकार का अवैध आर्थिक लाभ हुआ है, तो वह धन किन खातों या संपत्तियों तक पहुंचा।

इसके लिए बैंक रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े कागजात और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है। अधिकारियों का मानना है कि आर्थिक पहलुओं की जांच से मामले के कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

CM विष्णु देव साय का बयान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी सख्ती के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीति भ्रष्टाचार के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की है और कानून से ऊपर कोई नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रही हैं और सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि किसी ने नियमों का उल्लंघन किया है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो।

भर्ती प्रक्रिया पर उठे थे सवाल

CGPSC भर्ती घोटाले को लेकर लंबे समय से चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं। मामले में कथित अनियमितताओं को लेकर कई शिकायतें सामने आने के बाद जांच शुरू हुई थी। अब CBI के साथ-साथ ED की एंट्री होने से जांच का दायरा और व्यापक हो गया है।

इस घटनाक्रम पर अभ्यर्थियों और आम लोगों की भी नजर बनी हुई है, क्योंकि यह मामला प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण भर्ती प्रक्रियाओं में से एक से जुड़ा हुआ है।

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