Devdutt Padikkal: साई सुदर्शन की जगह मिले मौके को Devdutt Padikkal ने भुनाया, शतक के बाद नंबर-3 पर साफ किया रुख

Devdutt Padikkal: भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिले मौके को शानदार अंदाज में भुनाया है। साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद टीम में शामिल किए गए पडिक्कल ने गॉल टेस्ट की पहली पारी में अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ दिया। उन्होंने 167 रन की शानदार पारी खेलकर अपनी काबिलियत साबित की।

साई सुदर्शन की जगह मिला मौका

देवदत्त पडिक्कल मूल रूप से श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के प्लान का हिस्सा नहीं थे। साई सुदर्शन के पैर की उंगली में चोट लगने के बाद उन्हें टीम में शामिल किया गया। इसके बाद उन्हें नंबर-3 पर बल्लेबाजी का मौका मिला।

पडिक्कल ने इस मौके को दोनों हाथों से लपका। 2024 के बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने वाले इस बल्लेबाज ने गॉल में 167 रन बनाकर अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया। इससे पहले अभ्यास मैच में भी उन्होंने शानदार फॉर्म दिखाते हुए 142 रन बनाए थे।

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दूसरी पारी में भी दिखाया दम

पहली पारी में शतक लगाने के बाद पडिक्कल ने दूसरी पारी में भी उपयोगी योगदान दिया। उन्होंने 44 रन की पारी खेली। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत भारतीय टीम ने श्रीलंका के सामने 362 रनों का लक्ष्य रखा।

पडिक्कल के लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद अब सवाल उठ रहा है कि साई सुदर्शन की वापसी के बाद नंबर-3 की जगह किसे मिलेगी।

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नंबर-3 पर जगह को लेकर क्या बोले पडिक्कल?

चौथे दिन का खेल खत्म होने के बाद जब देवदत्त पडिक्कल से नंबर-3 पर लंबे समय तक खेलने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने साफ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह इस तरह की बातचीत के बारे में ज्यादा नहीं सोचते।

पडिक्कल के मुताबिक, जब भी मौका मिले, उसका फायदा उठाना सबसे जरूरी है। वह लगातार कई मैच खेलने या अपनी जगह पक्की होने जैसी चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते।

‘आज के क्रिकेट में नौकरी हमेशा खतरे में’

देवदत्त पडिक्कल ने यह भी माना कि क्रिकेट में किसी खिलाड़ी की जगह हमेशा सुरक्षित नहीं होती। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह नतीजों पर आधारित खेल है और मैदान पर उतरने वाले हर खिलाड़ी से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जाती है।

उन्होंने कहा कि अगर खिलाड़ी प्रदर्शन नहीं करता है तो उसकी नौकरी हमेशा खतरे में रहती है। पडिक्कल का फोकस सिर्फ रन बनाने पर है और उनका मानना है कि अगर वह लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो उन्हें ज्यादा मैच खेलने के मौके मिलते रहेंगे।

देवदत्त पडिक्कल का यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब टीम इंडिया में नंबर-3 की जगह के लिए मुकाबला बढ़ गया है। साई सुदर्शन की वापसी के बाद टीम मैनेजमेंट के सामने चयन को लेकर दिलचस्प फैसला होगा।

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