Afghanistan School Blast: स्कूल में ग्रेनेड विस्फोट से दहशत, 42 बच्चे घायल; UN ने मांगी पूरी जांच

Afghanistan School Blast: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक एजुकेशन सेंटर के पास हुए धमाके से हड़कंप मच गया। इस घटना में कम से कम 42 बच्चे घायल हो गए हैं। घायल बच्चों की उम्र 9 से 14 साल के बीच बताई जा रही है। संयुक्त राष्ट्र मिशन ने घटना पर चिंता जताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।

काबुल के दश्त-ए-बरची इलाके में हुआ धमाका

जानकारी के मुताबिक, यह घटना काबुल के पश्चिमी इलाके दश्त-ए-बरची में सोमवार दोपहर हुई। यह क्षेत्र अफगानिस्तान के शिया हजारा समुदाय की बड़ी आबादी के लिए जाना जाता है। धमाके के बाद बड़ी संख्या में बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया।

अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) ने कहा कि उसे घटना के संबंध में अलग-अलग रिपोर्ट मिली हैं। शुरुआती तौर पर यह स्पष्ट नहीं था कि धमाका किसी हमले के कारण हुआ या कोई बिना फटा विस्फोटक अचानक फट गया।

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स्कूल में ग्रेनेड फटने की जानकारी

अफगानिस्तान के डायरेक्टरेट ऑफ माइन एक्शन कोऑर्डिनेशन ने घटनास्थल की जांच के बाद बताया कि स्कूल में एक ग्रेनेड फटा था। यह जानकारी काबुल पुलिस की शुरुआती सूचना से भी मेल खाती है।

हालांकि, धमाके की पूरी परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हैं। अधिकारियों की ओर से घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।

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छुट्टी के समय हुआ धमाका

स्थानीय लोगों के अनुसार, धमाका उस समय हुआ जब बच्चों की छुट्टी हो रही थी। आसपास मौजूद एक महिला ने बताया कि घटनास्थल पर बड़ी संख्या में घायल बच्चे थे। धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

स्कूल ने भी अपने फेसबुक पेज पर बच्चों के जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करने की अपील की, लेकिन घटना के कारणों को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।

UN ने की जांच की मांग

संयुक्त राष्ट्र के अफगानिस्तान मानवाधिकार मामलों के विशेष दूत रिचर्ड बेनेट ने घटना की निंदा की। UNAMA ने कहा कि स्कूलों और शिक्षा केंद्रों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए और घटना के हालात की पूरी जांच होनी चाहिए।

अफगानिस्तान में दशकों से चले आ रहे संघर्ष के कारण बड़ी संख्या में विस्फोटक और युद्ध के अवशेष अब भी मौजूद हैं। ऐसे विस्फोटों में आम नागरिकों और खासकर बच्चों के घायल होने का खतरा बना रहता है।

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