Manav Suthar: टीम इंडिया के युवा स्पिनर Manav Suthar ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 विकेट अपने नाम किए। गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में सुथार ने पहली पारी में 4 और दूसरी पारी में 6 विकेट झटके। उनकी घातक गेंदबाजी की बदौलत भारत ने श्रीलंका को 165 रन से मात दी।
अब Manav Suthar ने अपनी इस शानदार गेंदबाजी के पीछे की मेहनत और तैयारी का खुलासा किया है। स्टार स्पोर्ट्स पर साझा किए गए एक वीडियो में भारतीय स्पिनर ने बताया कि बचपन से ही उन्होंने गेंदबाजी की बुनियाद को मजबूत करने पर काफी ध्यान दिया।
रोज 30 से 35 ओवर करते थे गेंदबाजी का अभ्यास
Manav Suthar ने बताया कि जब वह करीब 14-15 साल के थे, तब से ही रोजाना 30 से 35 ओवर गेंदबाजी करने का अभ्यास करते थे। इस दौरान उनका सबसे ज्यादा ध्यान ‘स्पॉट बॉलिंग’ पर रहता था।
स्पॉट बॉलिंग का मतलब एक तय जगह पर लगातार गेंद डालने का अभ्यास है। सुथार के मुताबिक, गेंदबाज की सबसे बेहतरीन गेंद तैयार करने में इस अभ्यास की अहम भूमिका होती है। लगातार एक ही स्थान पर गेंद डालने से लाइन और लेंथ पर पकड़ मजबूत होती है।
रविचंद्रन अश्विन को मानते हैं आदर्श
Manav Suthar ने यह भी बताया कि वह बड़े होते हुए दिग्गज भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को अपना आदर्श मानते थे। अश्विन की गेंदबाजी में मौजूद विविधताओं ने उन्हें काफी प्रभावित किया और उनसे प्रेरणा लेकर उन्होंने अपनी गेंदबाजी को निखारने की कोशिश की।
गॉल टेस्ट में सुथार ने अपने प्रदर्शन से इस मेहनत का शानदार उदाहरण पेश किया। उन्होंने पहली पारी में 4 विकेट लेने के बाद दूसरी पारी में 6 विकेट चटकाए और मैच में 10 विकेट पूरे किए।
NEET-UG विवाद के बाद NTA में बड़ा बदलाव, 600 विशेषज्ञ हटाए गए’ CISF संभालेगी सुरक्षा
भारत ने 165 रन से जीता मुकाबला
मुकाबले में भारत ने पहली पारी में 462 रन बनाए। देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 230 गेंदों पर 167 रन की पारी खेली। उनके अलावा केएल राहुल ने 82 और ध्रुव जुरेल ने 51 रन बनाए।
जवाब में श्रीलंका की टीम पहली पारी में 284 रन पर सिमट गई। भारत ने दूसरी पारी में 193 रन बनाकर श्रीलंका के सामने 371 रन का लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करते हुए मेजबान टीम 206 रन ही बना सकी और भारत ने मुकाबला 165 रन से अपने नाम कर लिया।
Manav Suthar के 10 विकेट इस जीत की सबसे बड़ी वजहों में से एक रहे। उनके प्रदर्शन ने यह भी दिखाया कि लगातार अभ्यास और सही लाइन-लेंथ पर पकड़ एक स्पिनर को कितनी मजबूती दे सकती है।