BREAKING NEWS : नई दिल्ली। अदन की खाड़ी और सोमालिया के तट के आसपास समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत की चिंता बढ़ गई है। अलग-अलग घटनाओं में हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने दो वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया। इन दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय क्रू मेंबर सवार बताए जा रहे हैं। राहत की बात यह है कि शुरुआती जानकारी के अनुसार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। संबंधित एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
दो अलग-अलग घटनाओं में जहाजों को बनाया निशाना
जानकारी के मुताबिक समुद्री लुटेरों ने अदन की खाड़ी और सोमालिया के तट के पास दो अलग-अलग कमर्शियल जहाजों पर कब्जा किया। हथियारबंद हमलावरों ने जहाजों को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश की, जिसके बाद समुद्री सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं।
दोनों घटनाओं में भारतीय नागरिकों के जहाज पर मौजूद होने की जानकारी सामने आने के बाद भारतीय अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।
22 भारतीय क्रू मेंबर की सुरक्षा अहम
दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय क्रू मेंबर मौजूद थे। रिपोर्टों के मुताबिक सभी भारतीय नाविक सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हालांकि समुद्री लुटेरों के कब्जे में जहाज होने के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
भारतीय पक्ष की ओर से घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। जरूरत पड़ने पर संबंधित देशों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा सकता है।
अदन की खाड़ी क्यों है महत्वपूर्ण?
अदन की खाड़ी दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। यह मार्ग यूरोप, एशिया और मध्य पूर्व के बीच माल ढुलाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। बड़ी संख्या में वाणिज्यिक जहाज इस समुद्री मार्ग से गुजरते हैं।
सोमालिया के आसपास समुद्री डकैती की घटनाओं ने पहले भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार और जहाजों की सुरक्षा को प्रभावित किया है। ऐसे में किसी भी नए हमले से क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ जाती है।
भारत के लिए बढ़ी चुनौती
भारतीय नाविक बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर काम करते हैं। इसलिए समुद्री डकैती या जहाजों पर हमले की घटनाओं में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भारत के लिए अहम मुद्दा बन जाती है।
अदन की खाड़ी और सोमालिया के आसपास पहले से मौजूद सुरक्षा चुनौतियों के बीच दो जहाजों पर हमले की खबर ने चिंता बढ़ाई है। भारतीय एजेंसियां नाविकों की स्थिति और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं पर नजर रख रही हैं।