CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ के एक मातृ-शिशु अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को ड्रिप लगाने का काम सुरक्षा गार्ड द्वारा किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। गर्भवती महिलाओं के इलाज जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की जगह सुरक्षा गार्ड की कथित भूमिका सामने आने से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, घटना किस अस्पताल में हुई, इसकी तारीख और अस्पताल प्रबंधन की आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
गर्भवती महिलाओं को गार्ड ने लगाई ड्रिप
जानकारी के अनुसार, मातृ-शिशु अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं को ड्रिप लगाने का काम एक सुरक्षा गार्ड द्वारा किए जाने का मामला सामने आया है। अस्पताल में उपचार के लिए पहुंची महिलाओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल के प्रशिक्षित कर्मचारियों की होती है। ऐसे में सुरक्षा गार्ड द्वारा ड्रिप लगाए जाने की खबर ने अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि अस्पताल में उस समय नर्सिंग स्टाफ और अन्य जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मी कहां थे। क्या अस्पताल में कर्मचारियों की कमी थी या फिर ड्यूटी में लापरवाही बरती गई? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मरीजों की देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।
गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को विशेष चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता होती है। ड्रिप लगाने जैसी चिकित्सकीय प्रक्रिया में उचित प्रशिक्षण, स्वच्छता और मरीज की स्थिति का आकलन जरूरी होता है। ऐसे में अप्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा यह प्रक्रिया किए जाने की आशंका मरीजों की सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय है।
अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही पर सवाल
मामले ने अस्पताल प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। अस्पताल में सुरक्षा गार्ड की जिम्मेदारी परिसर की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना होती है, जबकि चिकित्सा संबंधी कार्य प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा किए जाने चाहिए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला हो सकता है।