कोयंबटूर: Navy sailor falls into Pakistani agent’s honey trap: आंध्र प्रदेश पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस (CI) सेल ने इंडियन नेवी के जवान प्रदीप मुखर्जी को कथित तौर पर पाकिस्तानी महिला खुफिया एजेंट को संवेदनशील रक्षा जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आई महिला ने जवान को कथित तौर पर हनीट्रैप में फंसाया और धीरे-धीरे उससे नौसेना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की।
INS अग्रणी में कोर्स कर रहा था जवान
जानकारी के अनुसार, प्रदीप मुखर्जी कोयंबटूर के रेड फील्ड्स स्थित INS अग्रणी में मैनेजमेंट डेवलपमेंट कोर्स कर रहा था। वह करीब एक सप्ताह पहले ही कोर्स के लिए यहां पहुंचा था। इसी दौरान काउंटर इंटेलिजेंस की विशेष टीम ने उसे हिरासत में लिया।
बताया जा रहा है कि कुछ महीने पहले एक महिला ने सोशल मीडिया के जरिए प्रदीप से संपर्क किया था। बातचीत बढ़ने के बाद महिला ने कथित तौर पर उससे दोस्ती की और फिर विशाखापट्टनम नेवल बेस से संबंधित जानकारी हासिल की।
विजयवाड़ा ले जाकर पूछताछ
काउंटर इंटेलिजेंस की स्पेशल टीम शनिवार सुबह INS अग्रणी पहुंची और प्रदीप को हिरासत में लिया। गिरफ्तारी की जानकारी स्थानीय पुलिस अधिकारियों को भी दी गई। इसके बाद आरोपी को स्थानीय मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट वारंट हासिल किया गया।
बाद में उसे आगे की पूछताछ के लिए विजयवाड़ा स्थित काउंटर इंटेलिजेंस मुख्यालय ले जाया गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित तौर पर कितनी रक्षा जानकारी साझा की गई और वह जानकारी किस स्तर की संवेदनशील थी।
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जहाजों की आवाजाही और ऑपरेशनल जानकारी लीक करने का आरोप
एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि जांच में रणनीतिक नौसैनिक संपत्तियों, जहाजों की आवाजाही और ऑपरेशनल व्यवस्था से संबंधित जानकारी साझा किए जाने की आशंका सामने आई है। एजेंसियां प्रदीप की डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं।
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि क्या संवेदनशील जानकारी साझा करने के बदले जवान को हवाला या डिजिटल पेमेंट के जरिए किसी तरह का आर्थिक लाभ दिया गया था।
2014 में नौसेना में शामिल हुआ था प्रदीप
प्रदीप मुखर्जी वर्ष 2014 में इंडियन नेवी में नाविक के तौर पर शामिल हुआ था। वह विशाखापट्टनम स्थित ईस्टर्न नेवल कमांड के तहत तैनात था। संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों का पता चलने के बाद काउंटर इंटेलिजेंस ने उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी थी।
फिलहाल जांच एजेंसियां सोशल मीडिया संपर्क, डिजिटल लेन-देन और कथित तौर पर साझा की गई रक्षा सूचनाओं की जांच कर रही हैं। यह मामला वर्ष 2026 में पाकिस्तानी खुफिया नेटवर्क से जुड़े हनीट्रैप के मामलों में एक और कड़ी के रूप में सामने आया है।