Linesh Sahu Suicide Case: धर्मांतरण के दबाव का आरोप, लिनेश साहू आत्महत्या मामले में 5 दोषियों को कठोर कारावास

धमतरी। Linesh Sahu Suicide Case: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में लिनेश साहू आत्महत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। युवक को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में उसकी पत्नी समेत ससुराल पक्ष के पांच लोगों को दोषी करार दिया गया है। कोर्ट ने सभी दोषियों को पांच-पांच साल के कठोर कारावास और 500-500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में युवक पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाने के आरोप लगे थे।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र के पोटियाडीह गांव का है। जानकारी के मुताबिक, 6 सितंबर 2024 को लिनेश साहू ने आत्महत्या कर ली थी। आरोप था कि उसकी पत्नी और ससुराल के अन्य सदस्य उस पर लगातार ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बना रहे थे। लिनेश ने कथित तौर पर धर्म परिवर्तन करने से इनकार किया था, लेकिन उस पर दबाव बनाए जाने का सिलसिला जारी रहा।

बताया गया कि परेशान होकर लिनेश ने अपनी समस्या को लेकर WhatsApp और Instagram पर स्टेटस भी साझा किए थे। इसके बाद उसने आत्महत्या कर ली। घटना के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था।

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पत्नी समेत ससुराल के पांच लोगों को सजा

मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना भास्कर की अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। दोषियों में लिनेश की पत्नी करुणा बाई साहू, ससुर राजकुमार साहू, सास गौरी साहू और दो सालियां किरण साहू व कनिष्का साहू शामिल हैं।

अदालत ने सभी पांच दोषियों को पांच-पांच साल के कठोर कारावास के साथ 500-500 रुपये का अर्थदंड लगाया है। मामले में लोक अभियोजक गीतेश प्रजापति ने पैरवी की।

फैसले के बाद मामले ने फिर खींचा ध्यान

लिनेश साहू की मौत के बाद सामने आए इस मामले में अदालत का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धर्म परिवर्तन के कथित दबाव और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों से जुड़े इस प्रकरण में पांच लोगों को सजा सुनाई गई है। इस फैसले के बाद धमतरी का यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

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