काठमांडू: Nepal Flood News: नेपाल में प्राकृतिक आपदा का कहर एक बार फिर देखने को मिला है। रविवार सुबह नेपाल के गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। तेज बहाव के कारण तीन पुल बह गए, जबकि कई घरों में पानी घुस गया। बाढ़ से चुमनुबरी और धारचे ग्रामीण नगरपालिकाओं के कई इलाकों में बस्तियों, पुलों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। इस घटना ने लोगों को अगस्त में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड की याद दिला दी है।
बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़, तीन पुल बहे
नेपाल के गोरखा जिले में रविवार सुबह बूढ़ी गंडकी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। बाढ़ के तेज बहाव में तीन पुल बह गए और आसपास के इलाकों में पानी भर गया। इस प्राकृतिक आपदा के कारण स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
नेपाल पुलिस के मुताबिक, चुमनुब्री-6 क्षेत्र में लोकपा और चुमलिंग के बीच पहाड़ से मिट्टी और पत्थर गिरने के कारण नदी का रास्ता अवरुद्ध हो गया था। इसके बाद अचानक आई बाढ़ ने आसपास के क्षेत्रों को प्रभावित किया।
प्रशासन ने जारी की चेतावनी, नदी के आसपास जाने से बचें
बाढ़ से हुए नुकसान के बाद नेपाल के आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित एजेंसियों ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक बाढ़ का पानी कम नहीं हो जाता और स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक नदी के आसपास जाने से बचें।
अचानक आई बाढ़ के कारण प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
अगस्त की विनाशकारी फ्लैश फ्लड की याद हुई ताजा
नेपाल में हालिया बाढ़ ने अगस्त में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड की यादें ताजा कर दी हैं। इससे पहले 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में भी भारी बाढ़ आई थी। उस घटना के बाद बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की खबर सामने आई थी।
हालांकि, अगस्त की बाढ़ से जुड़ी मृतकों और लापता लोगों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। फिलहाल गोरखा जिले में आई ताजा बाढ़ से हुए कुल नुकसान का आकलन किया जाना बाकी है।
हिमालय में बढ़ते खतरे का मुद्दा उठा चुके हैं नेपाल के प्रधानमंत्री
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिमालय क्षेत्र पर बढ़ते पर्यावरणीय खतरों का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने अगस्त में आई बाढ़ के बाद सहायता प्रदान करने के लिए भारत और चीन का आभार भी जताया था।
नेपाल में बार-बार आने वाली बाढ़ और अचानक बढ़ने वाले जलस्तर ने हिमालयी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।