US Iran Conflict: अमेरिकी युद्धपोतों की जासूसी कर रहा था जहाज, अपाचे हेलीकॉप्टरों से अमेरिका ने किया हमला

नई दिल्ली: US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि ओमान की खाड़ी में ईरान से जुड़े एक सर्विलांस जहाज को मिसाइल हमले से नष्ट कर दिया गया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह जहाज अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों की निगरानी कर रहा था और उन्हें निशाना बनाने के लिए खुफिया जानकारी जुटा रहा था। यह कार्रवाई 6 अक्टूबर 2026 को की गई थी, जबकि इसका वीडियो और विवरण 15 अक्टूबर को सार्वजनिक किया गया।

ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना की कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ईरान से जुड़ी एक पारंपरिक छोटी नौका (Dhow) ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों की निगरानी कर रही थी। अमेरिकी सेना ने आरोप लगाया कि इस जहाज का इस्तेमाल जासूसी और सैन्य गतिविधियों की रेकी करने के लिए किया जा रहा था।

CENTCOM के दावे के मुताबिक, इस जहाज को नष्ट करने के लिए अमेरिकी सेना ने मिसाइल हमले किए। इस कार्रवाई के दौरान जहाज को निशाना बनाया गया और वह आग की लपटों में घिर गया। हालांकि, इस घटना से जुड़ी जानकारी मुख्य रूप से अमेरिकी सेना के आधिकारिक दावों पर आधारित है।

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अपाचे हेलीकॉप्टरों से किया गया हमला

रिपोर्ट के मुताबिक, इस सैन्य कार्रवाई में दो अपाचे (Apache) हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया। हेलीकॉप्टरों से सटीक निशाना लगाने वाली मिसाइलें दागी गईं, जिसके बाद जहाज को नष्ट कर दिया गया।

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अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह भी कहा कि जहाज को तबाह करने से पहले उसमें सवार चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। उन्हें उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया जारी होने की जानकारी दी गई।

होर्मुज स्ट्रेट में भी बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से यह समुद्री मार्ग बेहद अहम माना जाता है।

अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी सख्त किए जाने और ईरान की ओर से ओमान की खाड़ी तथा अरब सागर में नौसैनिक तैनाती बढ़ाने की खबरों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

इस क्षेत्र में दोनों देशों की सैन्य गतिविधियों के बढ़ने से समुद्री व्यापार, तेल परिवहन और अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।

अमेरिका-ईरान टकराव का क्या होगा असर?

ओमान की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। यहां सैन्य तनाव बढ़ने से तेल की आपूर्ति और मालवाहक जहाजों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

हालांकि, ईरानी जहाज पर हमले को लेकर अमेरिकी सेना ने जासूसी और निगरानी के आरोप लगाए हैं, लेकिन घटना के सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री तनाव पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।

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