Rajasthan Car Truck Collision: राजस्थान के चूरू जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सादुलपुर के ददरेवा इलाके में तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी। हादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसकी छत तक पिचक गई। दुर्घटना में एक ही परिवार के पांच सदस्यों समेत छह लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ महीने की बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। परिवार गुरुग्राम स्थित अपनी कुलदेवी के मंदिर में बच्चों का मुंडन करवाने जा रहा था।
चूरू में कार-ट्रक की भीषण टक्कर, मौके पर मची चीख-पुकार
जानकारी के अनुसार, हादसा शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे चूरू जिले के सादुलपुर क्षेत्र के ददरेवा में हुआ। कार में सवार लोग राजस्थान के तारानगर क्षेत्र के सोमसीसर गांव के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि कार की रफ्तार काफी तेज थी। इसी दौरान कार आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का बड़ा हिस्सा ट्रक के नीचे घुस गया। वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्घटना के समय जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। हादसे में ज्यादातर लोगों की मौत मौके पर ही हो गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। हादसे में गंभीर रूप से घायल नौ महीने की बच्ची का इलाज चल रहा है।
हादसे में पति-पत्नी समेत छह लोगों की मौत
इस दर्दनाक दुर्घटना में जान गंवाने वालों की पहचान भंवर लाल शर्मा (60), उनकी पत्नी महेंद्र देवी (55), बहू कविता (28), यशोदा (34), कविता के चार महीने के बेटे कन्हैया और कार चालक मांगीलाल नाई (31) के रूप में हुई है।
हादसे में यशोदा की नौ महीने की बेटी दिव्यांशी गंभीर रूप से घायल हो गई। एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत से गांव में शोक की लहर है। परिवार के सदस्यों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
बच्चों का मुंडन करवाने गुरुग्राम जा रहा था परिवार
परिवार के सदस्य गुरुग्राम स्थित गुड़गांव वाली माता मंदिर में बच्चों का मुंडन करवाने जा रहे थे। इसके लिए वे शनिवार सुबह घर से निकले थे। लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
भंवर लाल शर्मा के छोटे भाई मांगीलाल ने बताया कि उनकी 23 अक्टूबर को खेत जाते समय बड़े भाई से मुलाकात हुई थी। उस दौरान भंवर लाल ने उन्हें बताया था कि वह परिवार के साथ हरियाणा के गुरुग्राम में अपनी कुलदेवी के दर्शन करने जाएंगे। वहां बच्चों कन्हैया और दिव्यांशी का मुंडन करवाने की योजना थी।
मांगीलाल के मुताबिक, उनके बड़े भाई भंवर लाल किसान थे। उनके दोनों बेटे संजय और संदीप गुजरात में निजी नौकरी करते हैं, जबकि उनकी पत्नियां और बच्चे गांव में रहते थे।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे में बड़े भाई और परिवार के अन्य सदस्यों की मौत की खबर मिलने के बाद छोटे भाई मांगीलाल का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिस यात्रा पर परिवार बच्चों के मुंडन और कुलदेवी के दर्शन के लिए निकला था, वह एक बड़ी त्रासदी में बदल गई।
फिलहाल, हादसे में घायल बच्ची के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई है। दुर्घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।