US Midterm Elections 2026: अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मिली करारी हार के बाद सियासी और कारोबारी हलकों में हलचल तेज हो गई है। इस चुनावी झटके का असर दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शामिल एलन मस्क पर भी दिखाई दे रहा है। खबरों के मुताबिक, मस्क ने रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन में किए गए अपने सोशल मीडिया पोस्ट हटा दिए हैं। वहीं, चुनावी नतीजों के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में आई भारी गिरावट के बीच उनकी संपत्ति में भी बड़ी कमी दर्ज की गई है।
खास बात यह है कि एलन मस्क ने चुनाव के दौरान रिपब्लिकन उम्मीदवारों के प्रचार और समर्थन में करीब 458 मिलियन डॉलर यानी लगभग 4,400 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इसके बावजूद वह पार्टी को हार से नहीं बचा सके।
रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद मस्क ने हटाए समर्थन वाले पोस्ट
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद एलन मस्क का रुख चर्चा में है। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन में किए गए सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट कर दिए हैं। चुनाव से पहले मस्क खुलकर रिपब्लिकन उम्मीदवारों और डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में प्रचार कर रहे थे।
उन्होंने चुनावी अभियान में बड़ी रकम भी लगाई थी। हालांकि, नतीजे उनकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहे। अब उनके पोस्ट हटाने को ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी से उनकी दूरी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
चुनावी झटके के बाद कितनी घटी एलन मस्क की नेटवर्थ?
अमेरिकी बाजार में आई भारी गिरावट का असर एलन मस्क की संपत्ति पर भी पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी नेटवर्थ में करीब 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, फाइनेंशियल टाइम्स के अनुमान में यह नुकसान करीब 2.8 लाख करोड़ रुपये बताया गया है।
शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी और AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बड़ी बिकवाली देखने को मिली। इसका असर मस्क समेत कई बड़े कारोबारियों की संपत्ति पर पड़ा है।
हरमीत ढिल्लों ने भी ट्रंप प्रशासन से दिया इस्तीफा
रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद ट्रंप प्रशासन में भी बदलाव देखने को मिला है। भारतीय मूल की हरमीत कौर ढिल्लों ने अमेरिकी न्याय विभाग के सिविल राइट्स डिवीजन के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया है।
अमेरिका के अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने गुरुवार को उनके इस्तीफे की पुष्टि की और उनके काम की सराहना की। हालांकि, हरमीत ढिल्लों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद पद छोड़ने का फैसला किया था।
उनके मुताबिक, वह पहले ही इस्तीफा देने का मन बना चुकी थीं, लेकिन व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स के अनुरोध पर उन्होंने चुनावी नतीजे आने तक इसकी घोषणा टाल दी थी।
अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों के लाखों करोड़ डूबे
मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को अमेरिकी बाजार में पिछले 19 महीनों की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली।
- S&P 500: इंडेक्स 3.77 फीसदी यानी करीब 290 अंक टूट गया।
- Dow Jones: करीब 3 फीसदी यानी 1,600 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
- Nasdaq: इंडेक्स 5.52 फीसदी गिरकर 24,315 अंक पर पहुंच गया।
- Nvidia: कंपनी के शेयरों में करीब 9 फीसदी की गिरावट आई।
- Micron Technology: कंपनी के शेयर करीब 17 फीसदी तक टूट गए।
इस भारी बिकवाली के कारण निवेशकों की करीब 2.9 ट्रिलियन डॉलर यानी लगभग 270 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति घट गई।
ट्रंप ने शेयर बाजार की गिरावट के लिए डेमोक्रेट्स को ठहराया जिम्मेदार
अमेरिकी शेयर बाजार में आई गिरावट को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि चुनावी नतीजों के कारण शेयर बाजार को इतिहास के सबसे खराब दिनों में से एक का सामना करना पड़ा है।
इस बीच बाजार में AI रेगुलेशन को लेकर चिंता भी गिरावट की एक प्रमुख वजह बताई जा रही है। टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।