Diwali 2026: दिवाली पर अयोध्या में भव्य दीपोत्सव, 30 लाख दीयों के साथ हुई शानदार आतिशबाजी

Diwali 2026: देशभर में आज यानी 8 नवंबर को दिवाली का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। लोग घरों में दीप जलाने, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने की तैयारियों में जुटे हैं। वहीं, अयोध्या में दिवाली की पूर्व संध्या पर भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया, जहां सरयू नदी के घाटों पर 30 लाख दीये जलाकर शहर को रोशनी से जगमग कर दिया गया।

इस दौरान अयोध्या में आकर्षक लेजर शो और शानदार आतिशबाजी भी देखने को मिली। दीपोत्सव के भव्य आयोजन ने एक बार फिर देश-विदेश के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

अयोध्या में 30 लाख दीयों से जगमगाए सरयू के घाट

दिवाली से पहले अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। सरयू नदी के घाटों पर लाखों दीये जलाए गए, जिससे पूरा क्षेत्र रोशनी से जगमगा उठा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर में दर्शन-पूजन किया।

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बंगाल में काली पूजा, पंजाब में मनेगा बंदी छोड़ दिवस

दिवाली का त्योहार देश के अलग-अलग राज्यों में अपनी विशेष परंपराओं के साथ मनाया जाता है। पश्चिम बंगाल में दिवाली के अवसर पर मां काली की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। वहीं, पंजाब में बंदी छोड़ दिवस मनाया जाएगा। इस दिन गुरुद्वारों को रोशनी से सजाया जाता है और श्रद्धालु अरदास करते हैं।

गोवा के पणजी में भी दिवाली के मौके पर नरकासुर के पुतले का दहन किया गया। वहीं, तमिलनाडु के मदुरै स्थित प्रसिद्ध मीनाक्षी अम्मन मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

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दिवाली पर आतिशबाजी की परंपरा करीब 600 साल पुरानी

दिवाली पर दीये जलाने के साथ आतिशबाजी करने की परंपरा भी काफी पुरानी है। ऐतिहासिक प्रमाणों के अनुसार, भारत में दिवाली मनाने का इतिहास करीब 2 हजार साल पुराना माना जाता है। वहीं, पटाखों और रॉकेट के इस्तेमाल के प्रमाण लगभग 600 साल पुराने बताए जाते हैं।

करीब 1760 में बनी एक ऐतिहासिक पेंटिंग में लखनऊ की शाही महिलाओं को दिवाली के अवसर पर फुलझड़ियां जलाते हुए दिखाया गया है। इस पेंटिंग में नदी के दूसरी ओर भी आतिशबाजी होती दिखाई देती है। यह पेंटिंग अमेरिका के ओहायो स्थित क्लीवलैंड म्यूजियम ऑफ आर्ट के संग्रह में रखी गई है।

दिवाली पर्व से जुड़ी हैं कई धार्मिक मान्यताएं

हिंदू धर्म में दिवाली का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे थे। उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने दीप जलाए थे। तभी से दीप जलाकर दिवाली मनाने की परंपरा प्रचलित मानी जाती है।

इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि दिवाली पर विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।

देशभर में दिवाली को लेकर उत्साह का माहौल है। बाजारों से लेकर घरों और मंदिरों तक रोशनी और सजावट देखने को मिल रही है। लोग परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर इस पर्व को मना रहे हैं।

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