Aja Ekadashi 2026 : नई दिल्ली। हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। प्रत्येक माह में आने वाली एकादशियों में भाद्रपद मास की अजा एकादशी को बेहद पुण्यदायी माना जाता है। साल 2026 में अजा एकादशी का पावन व्रत 7 सितंबर, सोमवार को रखा जा रहा है। इस दिन श्रद्धालु पूरे विधि-विधान और श्रद्धा भाव के साथ भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अजा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति और जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है।
भूलकर भी न करें ये 3 काम
अजा एकादशी के दिन व्रत और पूजा के दौरान कुछ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन नियमों का पालन करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
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1. चावल और अनाज का सेवन न करें
एकादशी व्रत में विशेष रूप से चावल और अनाज का सेवन वर्जित माना जाता है। श्रद्धालु अपनी परंपरा और व्रत नियमों के अनुसार फलाहार या सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं।
2. क्रोध और विवाद से रहें दूर
इस दिन मन को शांत रखने और किसी भी प्रकार के विवाद, क्रोध या कटु वचन से बचने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी केवल भोजन का व्रत नहीं बल्कि मन और व्यवहार की शुद्धता का भी पर्व है।
3. तामसिक भोजन और नशे से करें परहेज
अजा एकादशी के दिन मांसाहार, शराब और अन्य तामसिक चीजों से दूर रहना चाहिए। इस दिन सात्विक जीवनशैली अपनाकर भगवान विष्णु का स्मरण करने का विशेष महत्व माना गया है।
ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा
सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। पूजा स्थल पर दीपक जलाकर भगवान विष्णु को फूल, फल और तुलसी दल अर्पित किए जाते हैं। श्रद्धालु “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप कर सकते हैं।
शाम के समय भी भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना की जाती है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, एकादशी व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में किया जाता है।
श्रद्धा और नियमों का रखें विशेष ध्यान
अजा एकादशी का पर्व भक्तों के लिए आत्मसंयम, भक्ति और सकारात्मकता का संदेश देता है। श्रद्धालुओं को अपनी पारिवारिक और धार्मिक परंपराओं के अनुसार व्रत एवं पूजा करनी चाहिए। सच्चे मन से भगवान विष्णु की आराधना और जरूरतमंदों की सहायता करना भी इस दिन विशेष पुण्यकारी माना जाता है।