सुबह से मंदिरों में दिखेगी भक्तों की भीड़
बड़े मंगल के दिन सुबह होते ही हनुमान मंदिरों में घंटियों की आवाज गूंजने लगती है। कहीं सुंदरकांड का पाठ होता है तो कहीं भंडारे की तैयारी। लाल चुनरी, सिंदूर और चमेली के तेल की खुशबू से मंदिर परिसर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है। मान्यता है कि इस दिन बजरंगबली को बूंदी के लड्डू, गुड़-चना और फल अर्पित करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है। कई श्रद्धालु व्रत रखकर हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ भी करते हैं।
Chhattisgarh Crime News : चेकिंग के दौरान बवाल , रुकने का इशारा किया तो पुलिसकर्मी पर ही चढ़ा दी कार
इस तरह करें पूजा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बड़े मंगल के दिन सुबह स्नान के बाद स्वच्छ लाल या केसरिया वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। इसके बाद हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें।
- हनुमान चालीसा का पाठ करें
- बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं
- गरीबों को भोजन और पानी दान करें
- सुंदरकांड का पाठ करना शुभ माना जाता है
- पीपल के नीचे दीपक जलाने की भी परंपरा है कई श्रद्धालु मंगलवार की शाम मंदिरों में सामूहिक आरती में शामिल होते हैं। आप महसूस कर सकते हैं कि जैसे पूरा माहौल श्रद्धा और ऊर्जा से भर गया हो। छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक, हर कोई “जय बजरंगबली” के जयकारे लगाता नजर आता है।
धार्मिक मान्यता क्या कहती है?
धर्म शास्त्रों में माना जाता है कि हनुमान जी संकटमोचक हैं। उनकी उपासना से भय, रोग और मानसिक तनाव कम होता है। ज्येष्ठ माह के मंगलवार को की गई पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। धर्माचार्यों के अनुसार, बड़े मंगल पर सेवा और दान का विशेष महत्व होता है। इसी वजह से कई स्थानों पर शरबत वितरण, भंडारे और जलसेवा के आयोजन किए जाते हैं।