CG BREAKING : अंबिकापुर के बाल संप्रेक्षण गृह से फिर 13 अपचारी बालक फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

CG BREAKING : अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली बड़ी घटना सामने आई है। गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित बाल संप्रेक्षण गृह (ऑब्जर्वेशन होम) से 13 अपचारी बालक देर रात फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही संप्रेक्षण गृह प्रबंधन और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस की कई टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और फरार बालकों की तलाश के लिए जिलेभर में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।

यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि इससे पहले भी बाल संप्रेक्षण गृह से अपचारी बालकों के फरार होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में एक बार फिर सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं।

फरार होने के बाद पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन

जानकारी के अनुसार, घटना का पता तब चला जब संप्रेक्षण गृह के कर्मचारियों ने नियमित गिनती के दौरान 13 बालकों को गायब पाया। इसके बाद तत्काल गांधीनगर थाना पुलिस को सूचना दी गई।

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सूचना मिलते ही पुलिस ने शहर के प्रमुख मार्गों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया। साथ ही जिले की सीमाओं पर भी पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है, ताकि फरार बालकों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि सुरक्षा में लापरवाही या निगरानी में कमी के कारण बालक परिसर से बाहर निकलने में सफल रहे।

अब यह जांच का विषय है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में अपचारी बालक कैसे फरार हो गए और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

प्रबंधन और पुलिस की भूमिका भी जांच के दायरे में

घटना के बाद जिला प्रशासन ने संप्रेक्षण गृह के अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फरार होने की घटना में किसी कर्मचारी की लापरवाही या बाहरी व्यक्ति की मदद तो शामिल नहीं थी।

यदि जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार अपचारी बालकों की तलाश युद्धस्तर पर की जा रही है। आसपास के जिलों की पुलिस को भी सूचना भेजी गई है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

वहीं जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। परिसर में निगरानी व्यवस्था, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और अन्य व्यवस्थाओं को और अधिक सख्त बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

फिलहाल पुलिस की टीम फरार बालकों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे मामले की जांच जारी है। घटना ने एक बार फिर बाल संप्रेक्षण गृहों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।

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