CG BREAKING : रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में एक बार फिर पेपर लीक का मामला सामने आने का दावा किया जा रहा है। इस बार B.Sc फर्स्ट ईयर के ‘फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स’ विषय के प्रश्नपत्र के परीक्षा से कई घंटे पहले वायरल होने की बात कही जा रही है। मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
परीक्षा से करीब 6 घंटे पहले पेपर वायरल होने का दावा
जानकारी के मुताबिक, B.Sc फर्स्ट ईयर की ‘फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स’ विषय की परीक्षा निर्धारित समय पर आयोजित होनी थी। इसी बीच परीक्षा शुरू होने से करीब 6 घंटे पहले प्रश्नपत्र के वायरल होने की जानकारी सामने आई। दावा किया जा रहा है कि प्रश्नपत्र सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों के बीच पहुंचा।
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हालांकि, वायरल प्रश्नपत्र वास्तव में विश्वविद्यालय का मूल प्रश्नपत्र है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल मामले को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा तेज हो गई है।

परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
IGKV में पेपर लीक का यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रक्रिया पहले भी सवालों के घेरे में रही है। प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले बाहर आने की स्थिति में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर गोपनीय प्रश्नपत्र सुरक्षित रखने की व्यवस्था में चूक कहां हुई।
छात्रों का कहना है कि यदि वायरल पेपर असली पाया जाता है तो यह केवल परीक्षा व्यवस्था की खामी नहीं, बल्कि मेहनत से परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के साथ भी अन्याय होगा।
जांच के बाद साफ होगी सच्चाई
मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जांच कराए जाने की उम्मीद है। जांच में वायरल प्रश्नपत्र की सत्यता, उसके प्रसारित होने का समय और इसे सबसे पहले किस माध्यम से साझा किया गया, जैसे बिंदुओं की पड़ताल की जा सकती है।
यदि जांच में पेपर लीक की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के साथ परीक्षा को लेकर भी विश्वविद्यालय को आगे का निर्णय लेना पड़ सकता है।